Finance Ministry:  सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित गिरोह का हुआ भंडाफोड़

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने "ऑपरेशन बुलियन ब्लेज़" के तहत सोने की तस्करी, उसे गुप्त भट्टियों में पिघलाने और परिष्कृत सोने को अवैध रूप से ग्रे मार्केट में बेचकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.

Finance Ministry:राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने “ऑपरेशन बुलियन ब्लेज़” के तहत मुंबई में एक बड़े सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह तस्करी के सोने को गुप्त भट्टियों में पिघलाकर उसे परिष्कृत सोने के रूप में ग्रे मार्केट में बेच रहा था. विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने 10 नवम्बर को मुंबई में चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की. इनमें दो जगहों पर अवैध भट्टियां चल रही थीं और दो अपंजीकृत दुकानों में सोने की अवैध खरीद-बिक्री हो रही थी. बुलियन ब्लेज डीआरआई द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष ऑपरेशन है.

तलाशी के दौरान 6.35 किलोग्राम सोना मौके से बरामद किया गया, जबकि एक दुकान से 5.53 किलोग्राम अतिरिक्त सोने की छड़ें मिलीं. कुल मिलाकर डीआरआई ने 15.05 करोड़ रुपये मूल्य का 11.88 किलोग्राम 24 कैरेट सोना और 13.17 लाख रुपये मूल्य की 8.72 किलोग्राम चांदी जब्त की है. डीआरआई अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, 10.11.2025 को मुंबई में चार गुप्त स्थानों पर सोने को पिघलाने वाली दो अवैध इकाइयों और सोने को अवैध रूप से ग्रे मार्केट में बेचने दो अपंजीकृत दुकानों की तलाशी ली. दोनों अवैध भट्टियों में तस्करी किए गए सोने को मोम और अन्य रूपों में बदलने के लिए पूरी व्यवस्था  थी.

डीआरआई के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अवैध भट्टियां चलाने वालों को हिरासत में ले लिया और मौके पर ही 6.35 किलोग्राम सोना बरामद किया. इसके बाद, तस्करी का सोना और पिघली हुई छड़ें स्थानीय खरीदारों को बेचने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दो दुकानों की भी तलाशी ली गई, जिसमें से एक दुकान से 5.53 किलोग्राम अतिरिक्त सोने की छड़ें बरामद हुईं. सोने की तस्करी, गलाने और अवैध बिक्री में शामिल मास्टरमाइंड सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया. 

सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की साजिश

यह गिरोह मास्टरमाइंड द्वारा अपने पिता, एक प्रबंधक, सोना पिघलाने वाले चार व्यक्तियों, तस्करी किए गए सोने का रिकॉर्ड रखने वाले एक एकाउंटेंट और सोने के वितरण का काम संभालने वाले तीन डिलीवरी कर्मियों की मिलीभगत से चलाया जा रहा था. सभी आरोपियों को मुंबई के संयुक्त वित्तीय आयुक्त (जेएमएफसी) के समक्ष पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पूछताछ के बाद जांच में इसका खुलासा हुआ है कि गिरोह ने सोने की तस्करी और अवैध बिक्री के लिए एक सुनियोजित साजिश रची थी, जिसका उद्देश्य सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाना था. 

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सोने की तस्करी और अवैध बिक्री के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई थी, जो देश की स्वर्ण आयात नीति का घोर उल्लंघन है और इसका उद्देश्य डीआरआई राजस्व और बाजारों को नुकसान पहुंचाने वाले और राजकोषीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा करने वाले उन सभी संगठित तस्करी नेटवर्कों को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है.  डीआरआई देश की आर्थिक और राजकोषीय स्थिरता की रक्षा करके निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यापारिक वातावरण सुनिश्चित करता है. डीआरआई के मुताबिक वह ऐसे संगठित तस्करी नेटवर्कों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगा ताकि देश की आर्थिक और राजकोषीय स्थिरता बनी रहे और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा मिले. 

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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