देश की राजधानी दिल्ली में 13 फरवरी को किसानों के प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर सिंघू, गाजीपुर और टिकरी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. इसके साथ ही यातायात पाबंदियां लागू की गयी हैं. मामले पर उत्तर पूर्व के डीसीपी जॉय तिर्की का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि हम सोशल मीडिया पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. साथ ही, हमें जो इनपुट मिल रहा है उसकी निगरानी भी की जा रही है.
वाहनों के बैरिकेड्स और लोहे के बैरिकेड्स का उपयोग
उन्होंने कहा कि हमने यूपी, हरियाणा और पंजाब के अंदर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खास इंतजाम किये हैं. वहां की सारी जानकारी हमतक पहुंच रही है. हमने 11 फरवरी को नॉर्थ ईस्ट जिले में कुछ खास व्यवस्था शुरू की थी. सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर थोड़ा प्रेशर देखने को मिल सकता है. इसके लिए व्यवस्था की जा रही है. बॉर्डर पर चेकिंग मल्टी लेयर की होगी. हम वाहनों के बैरिकेड्स और लोहे के बैरिकेड्स का उपयोग कर रहे हैं. धारा 144 लागू करने का नोटिस जारी किया जा चुका है. 13 फरवरी की तैयारी हमारी पूरी है.
लोगों को हो रही है असुविधा
वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए राजधानी की सीमाओं पर कंक्रीट के अवरोधक और सड़क पर बिछाए जाने वाले लोहे के नुकीले अवरोधक लगाकर किलेबंदी इस बार की गई है. दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में यातायात की आवाजाही पर इन अवरोधकों का असर नजर आ रहा है. लोगों को असुविधा हो रही है.
13 फरवरी को विरोध प्रदर्शन का आह्वान
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के ज्यादातर किसान संघों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया है. वे फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी को लेकर कानून बनाने समेत अपनी मांगों को स्वीकार करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाना चाहते हैं. किसान संघों ने 13 फरवरी यानी मंगलवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. यदि आपको याद हो तो किसान 2021 में अपना आंदोलन वापस लेने के लिए जिन शर्तों पर राजी हुए थे उनमें से एक एमएसपी की गारंटी को लेकर कानून बनाना थी.
