Farmer Protest: सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर, दिल्ली की सीमा पर लगाए गये लोहे के नुकीले अवरोधक

दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती शहर की सीमाओं का दौरा किया. दिल्ली की सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने 5,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है.

देश की राजधानी दिल्ली में 13 फरवरी को किसानों के प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर सिंघू, गाजीपुर और टिकरी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. इसके साथ ही यातायात पाबंदियां लागू की गयी हैं. मामले पर उत्तर पूर्व के डीसीपी जॉय तिर्की का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि हम सोशल मीडिया पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. साथ ही, हमें जो इनपुट मिल रहा है उसकी निगरानी भी की जा रही है.

वाहनों के बैरिकेड्स और लोहे के बैरिकेड्स का उपयोग

उन्होंने कहा कि हमने यूपी, हरियाणा और पंजाब के अंदर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खास इंतजाम किये हैं. वहां की सारी जानकारी हमतक पहुंच रही है. हमने 11 फरवरी को नॉर्थ ईस्ट जिले में कुछ खास व्यवस्था शुरू की थी. सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर थोड़ा प्रेशर देखने को मिल सकता है. इसके लिए व्यवस्था की जा रही है. बॉर्डर पर चेकिंग मल्टी लेयर की होगी. हम वाहनों के बैरिकेड्स और लोहे के बैरिकेड्स का उपयोग कर रहे हैं. धारा 144 लागू करने का नोटिस जारी किया जा चुका है. 13 फरवरी की तैयारी हमारी पूरी है.

लोगों को हो रही है असुविधा

वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए राजधानी की सीमाओं पर कंक्रीट के अवरोधक और सड़क पर बिछाए जाने वाले लोहे के नुकीले अवरोधक लगाकर किलेबंदी इस बार की गई है. दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में यातायात की आवाजाही पर इन अवरोधकों का असर नजर आ रहा है. लोगों को असुविधा हो रही है.

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13 फरवरी को विरोध प्रदर्शन का आह्वान

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के ज्यादातर किसान संघों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया है. वे फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी को लेकर कानून बनाने समेत अपनी मांगों को स्वीकार करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाना चाहते हैं. किसान संघों ने 13 फरवरी यानी मंगलवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. यदि आपको याद हो तो किसान 2021 में अपना आंदोलन वापस लेने के लिए जिन शर्तों पर राजी हुए थे उनमें से एक एमएसपी की गारंटी को लेकर कानून बनाना थी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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