मुंबई के BKC स्थित Jio World Plaza में कथित फर्जी PMO ID कार्ड के जरिए प्रवेश करने के मामले में गिरफ्तार रोहन पारेख के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि उसका मुवक्किल खुद भी ठगी का शिकार हो सकता है. India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, वकील ने कहा कि पारेख को PMO में काम करने का ऑफर लेटर, एक ID कार्ड और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाला कथित पत्र मिला था. उसे प्रधानमंत्री के एक Additional Secretary के नाम से ईमेल भी मिला था. इन चीजों को पारेख ने असली मान लिया था.
बॉडीगार्ड के पास मिली थी बंदूक
यह मामला सोमवार को सामने आया, जब पारेख का बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे Jio World Plaza के गेट पर पहुंचा. सुरक्षा जांच के दौरान उसके पास बंदूक मिली. इसके बाद पारेख को बुलाया गया और उसने सुरक्षा कर्मचारियों को अपना ID कार्ड दिखाया.
पुलिस के मुताबिक, कार्ड में पारेख को PMO का Grade C अधिकारी बताया गया था, लेकिन कार्ड पर जारी होने की तारीख थी और वैधता की तारीख नहीं थी. जारी करने वाले अधिकारी का पद भी नहीं लिखा था. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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ID कार्ड का सिर्फ स्क्रीनशॉट मिला था
बचाव पक्ष ने कोर्ट में कहा कि पारेख को PMO ID कार्ड की असली कॉपी नहीं मिली थी, बल्कि उसका स्क्रीनशॉट भेजा गया था. वकील का दावा है कि पारेख को मिलने वाले सभी दस्तावेज और संदेश असली लग रहे थे, इसलिए उसने खुद को PMO से जुड़ा माना.
वकील ने यह भी कहा कि पारेख 2024 से बॉडीगार्ड रख रहा था और उसे ऐसा करने के निर्देश दिए गए थे. वहीं, पारेख के Jio World Plaza पहुंचने को लेकर बचाव पक्ष ने कहा कि वह अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदने गया था.
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पुलिस के मुताबिक, बॉडीगार्ड के पास मिली बंदूक लाइसेंसी थी. मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारी है. मुंबई क्राइम ब्रांच CCTV फुटेज और संदिग्ध ID कार्ड की जांच कर रही है. कोर्ट ने पारेख को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है. पुलिस ने साफ किया है कि सोमवार की यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंगलवार के मुंबई दौरे से जुड़ी नहीं है.
