Fake Notes Recovered : मदरसे में नकली नोट का खेल, छापेमारी के बाद मिले 19 लाख रुपये, पुलिस भी हैरान

Fake Notes Recovered : मध्यप्रदेश के खंडवा में मदरसे से 19 लाख रुपये से अधिक के नकली नोट बरामद की गई है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और कार्रवाई की. जानें क्या है पूरा मामला.

Fake Notes Recovered : मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पुलिस ने रविवार को एक मदरसे से 19 लाख रुपये से अधिक के नकली नोट बरामद किए. यह मामला जावर थाना क्षेत्र के ग्राम पैठिया का है. पुलिस ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की. खंडवा के एएसपी महेंद्र तारनेकर ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने 33 वर्षीय इमाम जुबेर अंसारी के कमरे की तलाशी ली, जहां से बड़ी मात्रा में नकली नोट मिले. मामले की जांच जारी है.

महेंद्र तारनेकर ने बताया कि अब तक 19 लाख रुपये से ज्यादा के नकली नोट गिने जा चुके हैं और गिनती अभी जारी है. उन्होंने कहा कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

जुबेर अंसारी को किया गया मालेगांव में गिरफ्तार

पुलिस सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने खबर दी है. खबर के अनुसार, जुबेर अंसारी और उसके एक साथी को शुक्रवार को महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में गिरफ्तार किया गया था. इस दौरान उनके पास से 10 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए थे. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के रहने वाले बताए गए हैं और नकली नोट लेकर मालेगांव की ओर जा रहे थे.

मदरसे में छापेमारी

खंडवा पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को पकड़ने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने खंडवा पुलिस को सूचना दी जिसके बाद खंडवा पुलिस टीम पौठिया गांव पहुंची और मदरसे (मस्जिद) में छापेमारी की, जहां इमाम के कमरे से नकली नोटों के बंडल बरामद किए गए.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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