चेन्नई में लगेगी विश्वनाथ प्रताप सिंह की आदमकद प्रतिमा, करुणानिधि से था घनिष्ठ संबंध

विधानसभा में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह पिछड़े समुदाय ताल्लुक नहीं रखते थे, लेकिन मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करके नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में उनके लिए 27 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया.

चेन्नई : तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई (पुराना मद्रास) में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी. बता दें कि विश्वनाथ प्रताप सिंह ने भारत की सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्ग के लोगों को आरक्षण दिलाने के लिए मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कराने में अहम भूमिका निभाई थी. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को विधानसभा सत्र के दौरान इस बात का ऐलान किया है कि चेन्नई में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

करुणानिधि पर छोटे भाई जैसा करते थे भरोसा

विधानसभा में चर्चा के दौरान एमके स्टालिन ने विश्वनाथ प्रताप सिंह की आदमकद प्रतिमा लगाने का ऐलान करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह और उनके पिता तथा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि से उनके संबंध काफी गहरे थे. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री उनके पिता एम करुणानिधि पर अपने छोटे भाई की तरह भरोसा करते थे. उन्होंने कहा कि चेन्नई में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करना उनके प्रति तमिल समाज की ओर से आभार व्यक्त करना है.

तमिलनाडु में सबसे पहले लागू हुई थी मंडल आयोग की सिफारिश

विधानसभा में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह पिछड़े समुदाय ताल्लुक नहीं रखते थे, लेकिन मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करके नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में उनके लिए 27 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया. उन्होंने कहा कि कलैगनार (एम करुणानिधि को तमिलनाडु में कलैगनार कहा जाता है.) ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए विश्वनाथ प्रताप सिंह और नेशनल फ्रंट सरकार के समर्थन में इसी विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया था. अपने ऐतिहासिक फैसले के साथ विश्वनाथ प्रताप सिंह ने एक सामाजिक-राजनीतिक क्रांति की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि विश्वनाथ प्रताप सिंह ने उनका समर्थन करने के लिए कलैगनार की प्रशंसा भी की थी.

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अन्नादुराई के नाम से जाना जाएगा चेन्नई हवाई अड्डा

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के निर्माण में द्रविड़ मुनेत्र षड़गम (डीएमके) के संस्थापक सीएन अन्नादुराई के बाद चेन्नई हवाई अड्डे के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का नामकरण और कांग्रेस के दिग्गज के कामराज के बाद घरेलू टर्मिनल सहित सिंह के योगदान का उल्लेख किया. सितंबर 1988 में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने चेन्नई में सात दलों की एक रैली की मेजबानी की थी, जहां राष्ट्रीय मोर्चा शुरू किया गया था.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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