तमिलनाडु में ईडी अधिकारी को रिश्वत लेते ‘रंगे हाथ’ पकड़ा गया

तमिलनाडु में ईडी अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है. इसकी जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दी है. ईडी अधिकारी की पहचान अंकित तिवारी के रूप में हुई है. जानें पूरा मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी को एक सरकारी कर्मचारी से 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है जिसके बाद तमिलनाडु सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC) हरकत में आ गया है. शनिवार को डीवीएसी के अधिकारी ईडी अधिकारी अंकित तिवारी से जुड़े मामले के संबंध में तलाशी लेने के बाद मदुरै में ईडी उप-जोनल कार्यालय से रवाना हुए जिसकी जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई ने दी है. अंकित तिवारी को डिंडीगुल में एक डॉक्टर से 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था.


Also Read: साहिबगंज एसपी को तीसरा समन, छह नवंबर को ईडी ऑफिस में हाजिर होने का निर्देश

ईडी अधिकारी की पहचान अंकित तिवारी के रूप में हुई

ईडी अधिकारी को पकड़े जाने के संबंध में जानकारी सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय की ओर से दी गई है. डिंडीगुल में हिरासत में लिए जाने के बाद, डीवीएसी अधिकारियों के एक दल ने मदुरै में उप-क्षेत्र ईडी कार्यालय में ‘जांच’ की, इस दौरान राज्य पुलिसकर्मी केंद्र सरकार के कार्यालय के बाहर तैनात नजर आए. डीवीएसी की ओर से एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें गिरफ्तार अधिकारी की पहचान अंकित तिवारी के रूप में की गई है, जो केंद्र सरकार के मदुरै प्रवर्तन विभाग कार्यालय में प्रवर्तन अधिकारी के रूप में कार्यरत है.

Also Read: नींबू पहाड़ अवैध खनन मामले की दोबारा जांच शुरू, ईडी के गवाह विजय हांसदा केस की जांच करने साहिबगंज पहुंची CBI

ईडी के अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की होगी जांच

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डीवीएसी की ओर से कहा गया है कि रिश्वत मामले में ईडी के अन्य अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की जांच की जाएगी. इसके लिए पूछताछ की जाएगी. सतर्कता टीम के अधिकारी तिवारी के आवास और मदुरै में प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय की तलाशी लेने की खबर भी सामने आई है. अंकित तिवारी से जुड़े स्थानों की भी तलाशी ली जा रही है.

Also Read: झारखंड: जेल से ईडी अधिकारियों के खिलाफ साजिश रचने व छापेमारी मामले में ईडी ने हाईकोर्ट को सौंपी सीलबंद रिपोर्ट

डीवीएसी की ओर से दावा किया गया है कि जब सरकारी कर्मचारी मदुरै गया, तो तिवारी ने मामले में कानूनी कार्रवाई से बचने के एवज में उससे पैसों की मांग की.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >