Elephant Attacks : खुखड़ी बीनने गई महिला, हाथी ने सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, मौत

Elephant Attacks : जशपुर वन मंडल में हाथियों के हमलों से लगातार मौत के मामले सामने आ रहे हैं. ग्रामीण हाथियों के हमलों से परेशान हैं. ताजा मामला कुनकुरी का है.

Elephant Attacks : शनिवार को कुनकुरी जनपद पंचायत के कुड़ुकेला गांव में जंगल से लौट रही एक महिला पर हाथी ने हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह कुड़ुकेला गांव के जंगलपारा की 44 वर्षीय ज्योति मिंज घर के पास खुखड़ी बीनने गई थीं. इसी दौरान तीन हाथियों का झुंड वहां से निकला. प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण दाऊद मिंज के अनुसार, अचानक एक हाथी ज्योति की ओर बढ़ा और उन पर हमला कर दिया. हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं. घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग भयभीत हो गए.

इलाज के दौरान महिला की मौत

इस हमले के बाद जब परिजन मौके पर पहुंचे तो ज्योति मिंज अचेत अवस्था में जमीन पर पड़ी हुई थीं. परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. प्रारंभिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें कुनकुरी के होलीक्रॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई. घटना की सूचना वन विभाग को भी दी गई. इस हादसे से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल बन गया.

वन विभाग ने की अपील जंगल में न जाएं

वन विभाग ने घटना के बाद अपील की है कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण जंगलों में जाने से बचें. विभाग ने कहा कि लोग अक्सर लकड़ी काटने और खुखड़ी बीनने के लिए गहरे जंगलों में चले जाते हैं, जिससे हादसे हो जाते हैं. यह घटना जशपुर में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष की गंभीर समस्या को दिखाती है. जहां ग्रामीणों को जान-माल का नुकसान हो रहा है, वहीं विभाग को हाथियों की गतिविधियों पर ज्यादा सतर्क रहना होगा. ग्रामीणों ने मांग की है कि समय पर चेतावनी दी जाए और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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