Election Commission: चुनाव में धनबल पर रोक लगाने के लिए आयोग ने एजेंसियों के साथ की अहम बैठक

यह बैठक चुनावों में नकदी और अन्य प्रलोभनों के प्रभावों से निपटने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के मकसद से आयोजित की गयी. चुनाव आयोग चुनाव के दौरान धनबल और बाहुबल के प्रयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है.

Election Commission: बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग की ओर से कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में चुनाव आयुक्त डॉक्टर सुखबीर सिंह संधू और डॉक्टर विवेक जोशी के साथ विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए. बैठक में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चुनावों के दौरान सक्रिय और सख्त कार्रवाई करने में उनकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी. 


यह बैठक चुनावों में नकदी और अन्य प्रलोभनों के प्रभावों से निपटने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के मकसद से आयोजित की गयी. चुनाव आयोग चुनाव के दौरान धनबल और बाहुबल के प्रयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है. इस बाबत हर विधानसभा में आयोग की ओर से पर्यवेक्षक की तैनाती की गयी है. आयोग धनबल के प्रयोग को रोकने के लिए एक्सपेंडिचर पर्यवेक्षकों की तैनाती की है. ताकि तय सीमा से अधिक खर्च पर सख्त कार्रवाई की जा सके. इसके लिए आम लोगों को भी शिकायत करने के लिए व्यापक मंच मुहैया कराया गया है. 


सभी प्रमुख एजेंसी की चुनाव में होगी भागीदारी

बैठक में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स(सीबीडीटी), सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम (सीबीआईसी), प्रवर्तन निदेशालय(ईडी), डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस(डीआरआई), सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो(सीईआईबी), फाइनेंशियल टास्क फोर्स, आरबीआई, आईबीए, एनसीबी, आरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ, एसएसबी, बीसीएएस, एएआई, डाक विभाग सहित प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों शामिल हुए. साथ ही मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, राज्य पुलिस नोडल अधिकारी (एसपीएनओ) और बिहार के सीईओ भी वर्चुअल रूप में शामिल हुए. विभिन्न एजेंसियों ने आयोग को अपनी तैयारियों, प्रलोभन मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अपनाए गए उपायों और प्रस्तावित कदमों के बारे में जानकारी दी. चुनावों को प्रभावित करने के लिए धन और अन्य प्रलोभनों के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने से संबंधित विस्तृत विषयों पर मंथन किया गया. 


आयोग ने निर्देश दिया कि प्रभावी कार्रवाई के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच आर्थिक अपराधों की खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान और सहयोग होना चाहिए. आयोग ने राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर प्रवर्तन एजेंसियों में समन्वय पर जोर देते हुए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे निर्वाचन क्षेत्रों का मैपिंग करें ताकि अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से तस्करी के सामान, ड्रग्स, शराब और नकदी (नकली मुद्रा सहित) की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके.

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