Election Commission: मतगणना के लिए 243 रिटर्निंग ऑफिसर और इतने ही काउंटिंग ऑब्जर्वर किये गये नियुक्त

मतगणना के लिए कुल 4,372 मतगणना टेबल बनाई गई हैं, जिन पर एक-एक काउंटिंग सुपरवाइजर, सहायक और माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे. इसके अलावा उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त 18,000 से अधिक एजेंट मतगणना प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.

Election Commission: चुनाव आयोग ने गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने की घोषणा करते हुए कहा कि इस बार राज्य में रिकॉर्ड 67.13 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 1951 के बाद से अब तक का सबसे अधिक है.

बिहार के चुनावी प्रक्रिया के इतिहास में चुनाव आयोग की यह उल्लेखनीय उपलब्धि है कि इस बार के चुनाव में दोनों चरणों में से किसी भी चरण में पुनर्मतदान नहीं हुआ और ना ही किसी दल ने पुनर्मतदान या किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए कोई अपील की. 

इससे पहले अनियमितता या तकनीकी खराबी के कारण कई बूथों पर दोबारा मतदान करना पड़ा था या राजनीतिक दलों के अपील के बाद चुनाव आयोग उस पर संज्ञान लेकर चुनाव कराने या ना कराने का फैसला लेता रहा है. इस लिहाज से इस बार का चुनाव प्रक्रिया चुनाव आयोग  के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर गिना जायेगा. 

आयोग की ओर से जो जानकारी दी गयी है उसमें , 2,616 उम्मीदवारों और 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में से किसी ने भी पुनर्मतदान की मांग नहीं की. राज्य के 38 जिलों में से किसी में भी पुनर्मतदान या अपील दर्ज नहीं हुई. बिहार की अंतिम मतदाता सूची में 7 करोड़ 45 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं.

डाक मतपत्रों से होगी मतगणना की शुरुआत 

चुनाव परिणामों की गिनती शुक्रवार यानि 14 नवंबर 2025 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी. राज्य की 243 विधानसभा सीटों के लिए 243 रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और समान संख्या में काउंटिंग ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं. कुल 4,372 मतगणना टेबल बनाई गयी हैं, जिन पर एक-एक काउंटिंग सुपरवाइजर, सहायक और माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे. इसके अलावा उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त 18,000 से अधिक एजेंट मतगणना प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.

आयोग ने जो दिशा-निर्देश जारी किये हैं, उसमें  मतगणना की शुरुआत डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेटस) से होगी, इसके बाद ईवीएम  की गिनती शुरू होगी. ईवीएम की प्रत्येक नियंत्रण इकाई को मतगणना एजेंटों के समक्ष दिखाकर सील और क्रमांक की पुष्टि की जाएगी. किसी भी असंगति की स्थिति में वीवीपैट (वीवीपैट) पर्चियों की गिनती अनिवार्य रूप से की जाएगी. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के  पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों का मिलान भी किया जाएगा.

चुनाव आयोग ने  जनता और मीडिया से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही परिणामों की जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें. इसके लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक पोर्टल पर चुनाव परिणाम को देखने की बात कही गयी है., जिसमें क्षेत्रवार और निर्वाचन क्षेत्र की एक-एक राउंड की गिनती का परिणाम उपलब्ध रहेगा.

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