Eknath Shinde Profile: कभी ऑटो चलाते थे एकनाथ शिंदे, जानें ड्राइवर से डिप्टी सीएम तक का सफर

Eknath Shinde Profile: महाराष्ट्र में महायुति की अगुआई में सरकार बन गई है. गुरुवार को पीएम मोदी की मौजूदगी में देवेंद्र फडणवीस ने सीएम, एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने डिप्टी सीएम की शपथ ली. शिंदे महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसे नेता हैं, जिनका सत्ता तक का सफर बेहद संघर्षों भरा रहा है. हम यहां आपको उनके राजनीतिक सफर के बारे में बताने वाले हैं.

Eknath Shinde Profile: महायुति 2.0 सरकार में एकनाथ शिंदे को डिप्टी सीएम बनाया गया है. उन्होंने गुरुवार को पीएम मोदी और दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में आजाद मैदान में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. एकनाथ शिंदे का राजनीतिक सफर बेहद संघर्षों भरा रहा है. राजनीति में उतरने से पहले शिंदे ऑटो ड्राइवर थे. वो वागले एस्टेट इलाके में अपनी गाड़ी चलाते थे.

ऑटो चलाते-चलाते शिवसेना से जुड़े एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे ऑटो चलाते-चलाते शिवसेना से जुड़ गए. उन्होंने 80 के दशक में एक आम कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की. वो ठाणे के सबसे प्रभावशाली नेता आनंद दीघे की अंगुली पकड़कर आगे बढ़े.

1997 में शिंदे बने थे पार्षद

एकनाथ शिंदे 1997 में सबसे पहले ठाणे महानगर पालिका से पार्षद चुने गए. उसके बाद 2002 में वो दोबारा पार्षद चुने गए. आनंद दीघे जिसका अंगुली पकड़कर शिंदे राजनीति में आगे बढ़े, उनका निधन 2000 में हो गया. दीघे के निधन के बाद शिंदे का कद शिवसेना में बढ़ता चला गया. राज ठाकरे के शिवसेना छोड़ने के बाद शिंदे ठाकरे परिवार के करीबी हो गए. उद्धव ठाकरे के साथ वो हमेशा मजबूती के साथ खड़े रहे.

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2004 में पहली बार बने थे विधायक

एकनाथ शिंदे 2004 में पहली बार विधायक बने थे. वो कोपरी पंचखाड़ी विधानसभा सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे. पहली जीत के बाद एकनाथ शिंदे ने लगातार (2009, 2014, 2019) जीत दर्ज की और विधायक बने.

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2022 में बने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री

एकनाथ शिंदे 2022 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे. उन्होंने उद्धव ठाकरे से बगावत कर अपने समर्थकों के साथ बीजेपी से गठबंधन कर सरकार बनाई थी. उसके बाद उन्होंने लंबी लड़ाई लड़कर खुद को असली शिवसेना साबित किया. 2024 चुनाव में महायुति की धमाकेदार जीत के बाद शिंदे बीजेपी की अगुआई वाली सरकार में डिप्टी सीएम बने हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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