Ebola Virus: मेदांता गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन, रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन के चेयरमैन डॉ रणदीप गुलेरिया ने इबोला संक्रमण पर कहा, अगर हम इन्फेक्शन कंट्रोल के तरीकों का पालन करें और किसी इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में न आएं, तो इन्फेक्शन होने की कोई संभावना नहीं है. इबोला वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड 2-21 दिन होता है.
इबोला का कोई पक्का इलाज नहीं: रणदीप गुलेरिया
डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा- इबोला का कोई पक्का इलाज नहीं है, जिसकी वजह से मृत्यु दर ज्यादा होती है, लेकिन लोग ठीक भी हो जाते हैं. घबराने की कोई जरूरत नहीं है. इन्फेक्टेड जगहों पर गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए; उन इलाकों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जानी चाहिए.
इबोला का क्या है लक्ष्ण?
डॉ गुलेरिया ने इबोला के लक्ष्ण को लेकर बताया- शुरुआती लक्षणों में बुखार, बदन दर्द, गले में खराश, उल्टी और दस्त शामिल हैं. गंभीर लक्षणों में मुंह या मल से खून आना, या सांस लेने में दिक्कत होना शामिल हो सकता है.
भारत सरकार ने इबोला को लेकर जारी की एडवाइजरी
भारत सरकार ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बंडिबुग्यो वायरस से फैल रहे इबोला संक्रमण के मद्देनजर नागरिकों को कांगो गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है. भारत सरकार द्वारा 23 मई को जारी परामर्श में कहा गया कि कांगो गणराज्य और युगांडा से सटे देशों, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है, में संक्रमण फैलने का जोखिम अधिक आंका गया है. इसमें कहा गया है, भारत सरकार अपने सभी नागरिकों को कांगो गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह देती है.
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