उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके, डर गये लोग

भूकंप के झटके लगने के बाद लोग सहम गये. करीब 9:50 बजे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई इलाकों में तेज भूकंप के झटके महसूस हुए.

शुक्रवार (3 अप्रैल) को अफगानिस्तान में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई इलाकों में तेज झटके महसूस हुए. अचानक धरती हिलने से लोग घबरा गए और घरों व ऑफिस से बाहर भागने लगे. कई जगह लोगों ने बताया कि कुछ सेकंड तक कंपन महसूस हुआ, जिससे डर का माहौल बन गया.

करीब रात 9:50 बजे ये झटके महसूस हुए. नोएडा, चंडीगढ़, लुधियाना (पंजाब) और जम्मू-कश्मीर के पुंछ, श्रीनगर, उधमपुर समेत कई शहरों में लोगों ने भूकंप महसूस किया. ऊंची इमारतों में रहने वालों ने बताया कि कुछ सेकंड तक बिल्डिंग हिलती रही, घर का सामान भी हिलने-डुलने लगा. इससे लोग घबरा गए.

फिलहाल कहीं से नुकसान या किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है. गाजियाबाद के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जब भूकंप के झटके आए, उस वक्त बारिश हो रही थी. झटका ज्यादा बड़ा नहीं था, फिर भी मैं हालात देखने बाहर निकल आया.

गाजियाबाद के एक और स्थानीय निवासी ने कहा कि भूकंप आया था. जैसे ही झटके महसूस हुए, हम बाहर निकल आए, लेकिन ये ज्यादा बड़ा नहीं था. घबराने की जरूरत नहीं है, बस सावधानी रखना जरूरी है.

दिल्ली की एक महिला ने बताया कि जब भूकंप आया, मैं कमरे में बैठी थी. अचानक बेड हिलने लगा और ऊपर देखा तो पंखा भी हिल रहा था. मैं बाहर निकली तो देखा आसपास के लोग भी डरे हुए थे.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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