DU: डीयू एग्जामिनेशन ब्रांच में हुई छात्रों और पेपरों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग समेत लगभग 90 कॉलेजों में लगभग 7 लाख से अधिक छात्रों के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया और इसमें 10000 से अधिक शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से लगभग 15000 प्रश्न पत्र तैयार किए गए और उन्हें पूरा करने का काम किया गया. कई सेंट्रल इवैल्यूएशन सेंटर ने समय पर पारदर्शी और स्वच्छ आकलन का काम पूरा किया.

DU: दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) के एग्जामिनेशन विंग में पिछले साल छात्रों और पेपरों की संख्या में रिकार्ड बढ़ौतरी हुई. इसके बावजूद एग्जामिनेशन विंग ने परीक्षाओं का सफल संचालन किया. डीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने कहा कि एग्जामिनेशन विंग को अपनी कामयाबियों खासकर नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) के तहत डीयू के सेमेस्टर एग्जाम सफलतापूर्वक करने पर पर गर्व है. 


डीयू कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह के मार्गदर्शन में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग समेत लगभग 90 कॉलेजों में लगभग 7 लाख से अधिक छात्रों के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया और इसमें 10000 से अधिक शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से लगभग 15000 प्रश्न पत्र तैयार किए गए और उन्हें पूरा करने का काम किया गया.

 कई सेंट्रल इवैल्यूएशन सेंटर ने समय पर पारदर्शी और स्वच्छ आकलन का काम पूरा किया. प्रोफेसर टुटेजा ने कहा कि हाल के वर्षों में दिल्ली विश्वविद्यालय की एग्जामिनेशन ब्रांच के ऑपरेशनल स्केल में काफी बढ़ोतरी हुई है, जो विश्वविद्यालय के बढ़ते एकेडमिक फुटप्रिंट और असेसमेंट सिस्टम की बढ़ती जटिलता को दिखाता है. 


हर साल बढ़ रहा है परीक्षा का दायरा

शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के आधिकारिक डेटा और हाल के एग्जामिनेशन सेशन स्टूडेंट पार्टिसिपेशन, क्वेश्चन पेपर और सेशनल वर्क लोड में लगातार बढ़ोतरी हुई है. नवंबर-दिसंबर 2025 सत्र के दौरान एक ही सत्र में आयोजित प्रश्न पत्रों की अधिकतम संख्या 941 पर पहुंच गई, जबकि नवंबर-दिसंबर 2024 में यह 228 थी. इसी तरह एक सत्र में परीक्षा देने वाले छात्रों की अधिकतम संख्या एक वर्ष के अंदर 69808 से बढ़कर 86,000 हो गई.  

मई-जून 2025 और नवंबर-दिसंबर 2025 के बीच दिन-वार तुलनात्मक डेटा प्रस्तुत करते हुए गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने कहा कि नवंबर-दिसंबर 2025 सत्र में कई दिनों में प्रतिदिन 800 से अधिक प्रश्न पत्र दर्ज किए गए, जिसमें एक दिन का अधिकतम स्तर 941 प्रश्नपत्र थे, जो पिछले सत्रों के संबंधित आंकड़ों से कहीं अधिक था. इस तरह के शिखर शेड्यूलिंग, पेपर वितरण, मूल्यांकन और परिणाम प्रसंस्करण में आवश्यक बढ़े हुए तार्किक समन्वय की ओर इशारा करते हैं. 

इन आंकड़ों से जाहिर होता है कि हायर एजुकेशन में तेजी से हो रहे बदलाव के समय में भारत के सबसे बड़े यूनिवर्सिटी एग्जामिनेशन सिस्टम में से एक की क्रेडिबिलिटी, एफिशिएंसी और इंटीग्रिटी पक्का करने में एग्जामिनेशन ब्रांच की अहम भूमिका है. 

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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