DRDO: ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों का प्रदर्शन रहा शानदार

डीआरडीओ के 68वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह संगठन देश की सेना को आधुनिक रक्षा उपकरण मुहैया कराकर भारत की स्वदेशी क्षमता को बढ़ाने का काम कर रही है. ऑपरेशन सिंदूर में डीआरडीओ द्वारा विकसित रक्षा उपकरणों ने शानदार प्रदर्शन किया और इससे सेना का मनोबल बढ़ा है.

DRDO: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी निर्मित हथियारों के प्रदर्शन ने देश की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने का काम किया है. रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी हथियारों के निर्माण में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन(डीआरडीओ) की भूमिका महत्वपूर्ण और निर्णायक रही है. डीआरडीओ द्वारा विकसित रक्षा उपकरण राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का काम कर रहे है. डीआरडीओ के 68वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि यह संगठन देश की सेना को आधुनिक रक्षा उपकरण मुहैया कराकर भारत की स्वदेशी क्षमता को बढ़ाने का काम कर रही है. 


ऑपरेशन सिंदूर में डीआरडीओ द्वारा विकसित रक्षा उपकरणों ने शानदार प्रदर्शन किया और इससे सेना का मनोबल बढ़ा है. इस दौरान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, डीआरडीओ के चेयरमैन समीर कामत ने रक्षा मंत्री को डीआरडीओ के मौजूदा रिसर्च एंड डेवलपमेंट कार्यों की जानकारी दी और संगठन की वर्ष 2025 में उपलब्धियों के बारे बताया. साथ ही रक्षा उद्योग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों और इस साल के रोडमैप से अवगत कराया. इस साल संगठन की ओर से तय किए गए बड़े लक्ष्य के बारे में भी रक्षा मंत्री को अवगत कराया गया. इस दौरान रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. 


एयर डिफेंस सिस्टम को सशक्त बनाने के लिए सुदर्शन चक्र बनाने की तैयारी

रक्षा मंत्री ने भरोसा जाहिर करते हुए कहा कि डीआरडीओ सुदर्शन चक्र के निर्माण में अहम योगदान देगा. प्रधानमंत्री ने एयर डिफेंस सिस्टम को सशक्त बनाने के लिए पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुदर्शन चक्र बनाने की घोषणा की थी. सुदर्शन चक्र के तहत डीआरडीओ देश के अहम स्थान पर एयर डिफेंस लगाने का काम करेगा. ताकि अगले दशक तक पूरी तरह हवाई सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. ऑपरेशन सिंदूर के ने एयर डिफेंस सिस्टम की महत्ता को सामने लाने का किया. उम्मीद है कि डीआरडीओ इस लक्ष्य को हासिल करने में सफल होगा. 


रक्षा मंत्री ने कहा कि डीआरडीओ तकनीकी निर्माताओं के लिए भरोसा हासिल करने में सफल रहा है. निजी क्षेत्र, स्टार्टअप और शिक्षाविदों के साथ डीआरडीओ की बढ़ती भागीदारी के कारण देश में एक मजबूत डिफेंस इकोसिस्टम का निर्माण हुआ है. समय के साथ तकनीक में बदलाव हो रहा है. ऐसे में डीआरडीओ को भी नयी तकनीक के साथ सामंजस्य बैठाने का काम करते रहना चाहिए. मौजूदा दौर सिर्फ विज्ञान का नहीं बल्कि सतत विकास और सीखने का है. ऐसे में भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयारी जरूरी है. 

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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