Delhi Baby Care Fire: दिल्ली बेबी केयर अग्निकांड पर LG का सख्त निर्देश, एसीबी जांच के दिए आदेश

Delhi Baby Care Fire: पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार के एक अस्पताल में आग लगने से छह नवजात शिशुओं की मौत के बाद दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने एसीबी जांच के आदेश दिए हैं.

Delhi Baby Care Fire: दिल्ली बेबी केयर अग्निकांड मामले को लेकर दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना एक्शन मोड में आ गये हैं. उन्होंने मंगलवार को हादसे को लेकर सख्त निर्देश दिया है. एलजी वीके सक्सेना  ने नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन की एसीबी जांच का आदेश दिया है. दिल्ली के मुख्य सचिव को लिखे अपने पत्र में वीके सक्सेना ने कहा है कि मैंने इस मामले में बहुत सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि जिम्मेदारियों के लिए अधिकारियों की ओर से गंभीरता की कमी के कारण मुझे इसमें कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. उन्होंने कहा कि जांच में एसीबी जांच यह आकलन करेगी कि कितने नर्सिंग होम वैध पंजीकरण के बिना काम कर रहे हैं और क्या जिनके पास वैध पंजीकरण है, वे दिल्ली नर्सिंग होम पंजीकरण अधिनियम, 1953 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित मानदंडों का अनुपालन कर रहे हैं.

क्या जांच करेगी एसीबी
दिल्लीके एलजी वीके सक्सेना ने दिल्ली बेबी केयर अग्निकांड मामले की एसीबी जांच के आदेश दिए हैं. अपनी जांच में एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी)यह देखेगी कि दिल्ली में ऐसे कितने नर्सिंग होम चल रहे हैं जो वैध रजिस्ट्रेशन के साथ काम कर रहे हैं. इसके अलावा एसीबी यह भी आकलन करेगी कि जिन नर्सिंग होम के पास वैध रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी वे क्या दिल्ली नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन एक्ट-1953 और उसके तहत बनाए गए सभी नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं.


दिल्ली के एलजी के पत्र के मुताबिक जांच में एसीबी यह भी पता लगाएगी कि क्या स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंजीकरण की मंजूरी या उसका नवीनीकरण सौ फीसदी स्थल निरीक्षण के बाद किया गया है या नहीं. सक्सेना ने पत्र में कहा कि 1,190 नर्सिंग होम हैं, जिनमें से एक चौथाई से अधिक बिना वैध पंजीकरण के चल रहे हैं. दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक विवेक विहार इलाके में एक शिशु अस्पताल में आग लगने से पांच ऑक्सीजन सिलेंडर फट गए थे. यह अस्पताल बिना लाइसेंस और दमकल विभाग के अनापत्ति पत्र के बिना संचालित किया जा रहा था. इस घटना में छह नवजातों की मौत हो गई थी. भाषा इनपुट के साथ

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Author: Pritish Sahay

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