Telegram Ban: जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी और केंद्र को नोटिस जारी किया. मामले की सुनवाई के दौरान टेलीग्राम की ओर से पेश वकील ने सरकार के प्रतिबंधात्मक आदेश को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि इससे 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित हुए हैं.
सॉलिसिटर जनरल ने टेलीग्राम का दुरुपयोग किया जा रहा
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार के कदम का बचाव करते हुए कहा कि इस मंच का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वह अगले दिन अदालत के समक्ष चौंकाने वाली जानकारी पेश करेंगे. मेहता ने कहा, एक चैनल बंद होता है तो दूसरा शुरू हो जाता है और क्यूआर कोड के जरिये भुगतान लिया जाता है. यह लगातार चल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या अचानक नहीं उत्पन्न हुई है और सरकार मई से ही इस बारे में आ रही शिकायतों से निपट रही है.
टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाई है
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नीट-यूजी की परीक्षा कराने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की सिफारिश पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत आदेश जारी कर टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाई है. इसमें दोबारा होने वाली परीक्षा का दिन और उसके तुरंत बाद की अवधि शामिल है. इसके अलावा टेलीग्राम को दिए गए एक अन्य निर्देश में 30 जून, 2026 तक भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के संपादन (एडिट) फीचर को निष्क्रिय करने को कहा गया है. एनटीए के अनुसार, इस फीचर का इस्तेमाल परीक्षा के बाद फर्जी ‘पेपर लीक’ के सबूत बनाने में किया जा रहा था. एनटीए ने कहा कि ये कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को ठगने के लिए सक्रिय गिरोहों पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं.
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