दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में लगी भीषण आग पर पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने जताया शोक

Delhi fire incident : दिल्ली के पाॅश इलाके मालवीय नगर में अगलगी की घटना में 21 लोगों के मारे जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने दुख जताया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं.

Delhi fire incident : दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में आग लगने की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा कि आग लगने की घटना में लोगों की मौत दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं. घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं. अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दे रहे हैं.

पीएम मोदी ने मुआवजे की घोषणा की

पीएमओ के आधिकारिक एक्स हैंडल से किए गए पोस्ट में यह कहा गया है कि प्रधानमंत्री राहत कोष से सभी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा और घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे. बुधवार सुबह 8:48 बजे के करीब मालवीय नगर इलाके के एक रेस्टोरेंट में आग लगी, जिसमें अबतक 21 लोगों की मौत हो चुकी है.

गृहमंत्री अमित शाह ने जताया दुख

दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना पर गृहमंत्री अमित शाह ने शोक जताया है. उन्होंने एक्स पर लिखे पोस्ट में कहा है कि आग लगने की यह घटना बहुत ही दुखद है. मैं मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट करता हूं. ईश्वर उन्हें यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. अधिकारी बचाव कार्य में जुटे हैं. मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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