Delhi Building Collapse: मौत से चंद मिनटों की दूरी ! जानिए कैसे दिल्ली इमारत हादसे में सुरक्षित बचा बंगाल का युवक

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बिल्डिंग गिर गई. जिसमें अब तक 6 लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है. बिल्डिंग में रह रहे बंगाल के एक युवक की जान पानी ने बचाई. आप सोच रहे होंगे कि आखिरी पानी ने युवक की जान कैसे बचाई. तो आपके हम यहां पूरी जानकारी देंगे.

Delhi Building Collapse: पश्चिम बंगाल का रहने वाला युवक दिल्ली की उस बहुमंजिला इमारत में रहता था जो रविवार को अचानक भरभराकर गिर गई. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के वक्त वह अपने कमरे में ही मौजूद होता, लेकिन घर में पानी न होने के कारण वह पानी लेने और तरोताजा होने के लिए पास ही में रहने वाले अपने एक दोस्त के कमरे पर चला गया था. युवक का नाम सना वरश है, जो पश्चिम बंगाल के अलीपुरदुआर जिले के फलाकाटा का रहने वाला है.


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जैसे ही सना दोस्त के घर पहुंचा, कुछ ही मिनटों बाद पीछे से उसकी इमारत अचानक जमींदोज हो गई. जब उसे इमारत गिरने की सूचना मिली और वह मौके पर पहुंचा, तो वहां का मलबे का ढेर देखकर वह सन्न रह गया.


बिल्डिंग हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य जारी, फोटो ANI

'अगर पानी आ रहा होता, तो मैं आज जिंदा न होता'

हादसे के बाद सहमे हुए युवक ने बताया कि उसकी इमारत में अक्सर पानी की समस्या रहती थी. उस दिन भी नल में पानी न आने की वजह से ही उसे मजबूरन बाहर जाना पड़ा. उसने कहा, "अगर उस वक्त नल में पानी आ रहा होता, तो मैं अपने कमरे में ही नहा रहा होता और इस मलबे के नीचे दबा होता. पानी न होने ने ही आज मेरी जान बचा ली."


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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