दिल्ली में इमारत ढहने की घटना में दो इंजीनियर निलंबित, मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हुई

Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. घटना को लेकर दो इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है.

Delhi Building Collapse: इमारत ढहने की घटना के संबंध में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के दो इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है. MCD के दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर ने साकेत मेट्रो स्टेशन के पास, सैद-उल-अजायब, वेस्टर्न मार्ग, गली नंबर 5 में एक इमारत के ढहने के मामले में, जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग डिपार्टमेंट-II) अमन जैन को अपने कर्तव्यों में लापरवाही और ढिलाई बरतने के आधार पर, और असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग डिपार्टमेंट-II) सुदेश सिंह चौहान को प्रभावी निगरानी न रखने और ढिलाई बरतने के आधार पर निलंबित करने का आदेश दिया है.

घायलों को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में कराया गया भर्ती

हादसे में घायल सभी लोगों को उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया. इमारत ढहने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. घटना की जांच के लिए अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है.

इमारत में चल रहे थे कोचिंग सेंटर, कैफे और कई ऑफिस

सैदुलजाब क्षेत्र के वेस्टर्न मार्ग पर स्थित यह इमारत शनिवार शाम ढह गई थी. इस भवन में एक कोचिंग संस्थान, कैफे और कार्यालय संचालित हो रहे थे. घटना के समय इसकी ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य किया जा रहा था. दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनंत मित्तल ने कहा, इस घटना में कुल चार लोगों की मौत हुई है. बचाव अभियान जारी है.

इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील

पुलिस के अनुसार, इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई और इसका मलबा पास स्थित टीन शेड वाली एक कैंटीन पर भी गिरा, जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र अक्सर आते-जाते थे.

मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस), दिल्ली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), दिल्ली पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमों ने पूरी रात बचाव अभियान चलाया. मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए बचाव दल ने भारी मशीनों, हाइड्रोलिक कटर, पीड़ितों का पता लगाने वाले कैमरों और खोजी कुत्तों की मदद ली. अधिकारियों ने बताया कि सभी फंसे हुए लोगों का पता लगाए जाने के बाद बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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