Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा परिसर में सोमवार (6 अप्रैल) दोपहर हुई बड़ी सुरक्षा चूक के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. दिल्ली पुलिस ने कार के ड्राइवर सरबजीत और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस की टीम ने रूपनगर इलाके में नाकेबंदी के दौरान उस सफेद रंग की कार को जब्त किया जिससे यह पूरी वारदात की गई थी.
कौन है आरोपी और कैसे दिया वारदात को अंजाम?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार पर उत्तर प्रदेश (UP) का रजिस्ट्रेशन नंबर था. कार चलाने वाले शख्स ने चेहरा छिपाने के लिए मास्क पहना हुआ था. पकड़ा गया मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर का रहने वाला है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, सरबजीत दोपहर 2:10 बजे गेट नंबर 2 से बैरियर तोड़ते हुए विधानसभा के अंदर घुसा. उसने न सिर्फ गेट तोड़ा बल्कि वहां लगे बूम बैरियर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया.
हैरानी की बात यह है कि अंदर घुसने के बाद वह विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) विजेंद्र गुप्ता की आधिकारिक कार में जाकर बैठ गया और वहां एक फूलों का बुके और माला रख दी. जब वहां मौजूद स्टाफ ने उससे पूछताछ शुरू की, तो अफरा-तफरी मच गई. करीब 6 मिनट के भीतर आरोपी ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया और सुरक्षाकर्मियों के पहुंचने से पहले ही उसी गेट से फरार हो गया.
पीलीभीत पुलिस भी अलर्ट पर
एएनआई से बात करते हुए पीलीभीत के SP सुकीर्ति माधव ने बताया कि जैसे ही उन्हें दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक की खबर मिली, उन्होंने जांच शुरू कर दी. क्योंकि गाड़ी और आरोपी दोनों पीलीभीत के थे, इसलिए पुलिस अब सरबजीत सिंह का सारा रिकॉर्ड खंगाल रही है.
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद दिल्ली की राजनीति भी गरमा गई है. बीजेपी विधायक हरीश खुराना ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया है. उन्होंने एएनआई को बताया कि कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले थे. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की जा रही है.
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
इसी साल मार्च में भी दिल्ली विधानसभा और विधानसभा मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. उस समय उपराज्यपाल तरनजीत संधू, पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कई बड़े नेताओं के नाम लेकर धमकी भरे मेल भेजे गए थे. कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और विधानसभा अध्यक्ष के ओएसडी (OSD) को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी. ताजा घटना के बाद अब विधानसभा की सुरक्षा को और भी सख्त करने की मांग की जा रही है.
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