Delhi Air Pollution: दिल्ली वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अधिकारियों द्वारा उठाए जा रहे कदम को बताया टोटल फेल

Delhi Air Pollution: दिल्ली की वायु गुणवत्ता में बुधवार सुबह कुछ सुधार दर्ज किया गया लेकिन पूरे क्षेत्र में धुंध की चादर छाई रही. एक्यूआई 328 दर्ज किया गया जो बहुत खराब श्रेणी में आता है. इधर प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. जिसमें कोर्ट ने प्रदूषण को लेकर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को खरी-खरी सुनाया.

Delhi Air Pollution: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से रोकने में अधिकारियों द्वारा अब तक उठाए गए कदम पूरी तरह से फेल रहे हैं. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने टिप्पणी की कि प्रदूषण में किसी भी सार्थक कमी के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता होगी.

स्कूलों को बंद करने या हाइब्रिड मॉडल के फैसले में हस्तक्षेप करने से कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के स्कूलों को बंद करने या स्कूलों के हाइब्रिड मॉडल के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि ये स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए अधिकारियों द्वारा लिए गए केवल अस्थायी नीतिगत निर्णय थे. अल्पकालिक उपाय केवल बच्चों और बुजुर्गों को अस्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए हैं. ये पूरी तरह से अंतरिम नीतिगत निर्णय हैं. ज्यादा से ज्यादा, इन्हें छुट्टियों के विस्तार के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि स्कूल वैसे भी सर्दियों के दौरान 10 से 15 दिनों के लिए बंद रहने वाले हैं.

कोर्ट ने किसानों को प्रोत्साहन राशि देने पर विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम और एनसीआर के शहरों के प्रशासन से शहरी परिवहन और किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए प्रोत्साहन राशि देने जैसे मुद्दों पर विचार करने को कहा.

कोर्ट ने निर्माण श्रमिकों को वैकल्पिक काम उपलब्ध कराने पर विचार करने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को प्रतिबंधों के कारण खाली बैठे निर्माण श्रमिकों का सत्यापन करने और उनके खातों में धनराशि अंतरित करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह प्रतिबंधों के कारण खाली बैठे निर्माण श्रमिकों को वैकल्पिक काम उपलब्ध कराने पर विचार करे.

ढाई लाख निर्माण श्रमिकों में से 7,000 का सत्यापन पूरा : दिल्ली की सरकार

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ढाई लाख निर्माण श्रमिकों में से 7000 का सत्यापन पूरा हो चुका है और उनके खातों में धनराशि अंतरित कर दी जाएगी. इसपर कोर्ट ने कहा- ऐसा नहीं होना चाहिए कि निर्माण श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई धनराशि गायब हो जाए, किसी अन्य खाते में पहुंच जाए.

कोर्ट ने नौ टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने या अस्थायी रूप से बंद करने का दिया सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई और एमसीडी को दिल्ली की सीमाओं पर यातायात सुगम बनाने के लिए नौ टोल प्लाजा को स्थानांतरित करने या अस्थायी रूप से बंद करने पर विचार करने को कहा.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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