चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने गुजरात के कच्छ जिले में जखौ बंदरगाह के नजदीक दस्तक दे दी है और इसके टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसके साथ ही तूफान ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. राज्य के कई जिलों में भी भारी बारिश और तेज आंधी चल रही है. तूफान के कारण अब तक 150-200 बिजली के खंभे और 180-200 पेड़ गिरे. चक्रवाती तूफान की वजह से ट्रन की रफ्तार भी प्रभावित हुई है.
99 ट्रेनें रद्द और 39 ट्रेनें शॉर्ट-टर्मिनेट
पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने बताया, यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन के मद्देनजर एहतियात के तौर पर 99 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, 39 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है, जबकि 38 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है. उन्होंने यह भी बताया, 23 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, 3 ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है और 7 ट्रेनों का शॉर्ट-ऑरजिनेट किया गया है.
मध्य रात्रि तक जारी रहेगी चक्रवात के टकराने की प्रक्रिया
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा, घने संवहनी बादलों के कच्छ और देवभूमि द्वारका जिलों में प्रवेश के बाद चक्रवात के टकराने की प्रक्रिया शुरू हुई. यह मध्य रात्रि तक पूरी होगी. चक्रवात के कच्छ के तट से टकराने के बाद तेज हवाएं चलने के कारण देवभूमि द्वारका जिले में पेड़ उखड़े गए, जिसकी चपेट में आकर तीन लोग घायल हुए हैं.
चक्रवात के मद्देनजर सेना के जवान तैनात
चक्रवात के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य को लेकर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अलावा सेना, वायुसेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की तैनाती रही.
चक्रवात की वजह से एक लाख से अधिक लोग बेघर
चक्रवात के टकराने की प्रक्रिया से पहले तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका के मद्देनजर आठ तटीय जिलों से एक लाख से अधिक लोगों को निकाला गया है. राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया, अब तक निकाले गए 94,427 लोगों में से कच्छ जिले में 46,800, देवभूमि द्वारका में 10,749, जामनगर में 9,942, मोरबी में 9,243, राजकोट में 6,822, जूनागढ़ में 4,864, पोरबंदर में 4,379 और गिर सोमनाथ जिले में 1,605 लोगों को निकाला गया है.
