Covid-19 Returns: भारत में कोरोना की वापसी, गुजरात में 15 नये मामले सामने आए, जानें नया वैरिएंट कितना खतरनाक

Covid-19 Returns: कोरोना वायरस एक बार फिर से देश-दुनिया को डराने लगा है. हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड और चीन में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है. भारत में भी कोरोना धीरे-धीरे पांव पसार रहा है. देश में इस समय संक्रमण के 257 नये केस हैं. गुरुवार को गुजरात में 15 नये मामले सामने आए हैं.

Covid-19 Returns: गुजरात में लंबे अंतराल के बाद कोरोना वायरस से संक्रमण के 15 नए मामले सामने आए हैं. अधिकारियों ने वायरस के नये स्वरूप को गंभीर नहीं बताया है और लोगों से नहीं घबराने के लिए कहा गया है.

कोरोना संक्रमितों का उनके घर पर हो रहा उपचार

गुजरात में सभी 15 संक्रमितों का उपचार उनके घर पर ही किया जा रहा है. अतिरिक्त निदेशक (सार्वजनिक स्वास्थ्य) डॉ नीलम पटेल ने बताया कि गुजरात में वर्तमान में कोविड-19 के जेएन1 स्वरूप के 15 मरीजों का उपचार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि यह वैरिएंट ओमिक्रॉन के प्रकार का ही है. ओमिक्रॉन वैरिएंट पहली बार अगस्त 2023 में सामने आया था.

गुजरात में कहां-कहां से पाए गए कोरोना के नये मामले

डॉ नीलम पटेल ने बताया, ‘‘गुजरात के अहमदाबाद शहर में 13 संक्रमित हैं जबकि राजकोट शहर और अहमदाबाद ग्रामीण में एक-एक मरीज इसकी चपेट में आया है. संक्रमण के ये मामले ओमिक्रॉन जेएन.1 स्वरूप के हैं, जो कम गंभीर है. यह इस समय गुजरात या भारत के लिए बहुत चिंता का विषय नहीं है.’’

विदेश यात्रा से फैल रहा भारत में कोरोना

डॉ नीलम पटेल ने कहा, “हाल के सप्ताहों में चीन, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में कोरोना के हजारों मामले सामने आए हैं और लोग एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करते ही हैं, जिससे स्वाभाविक तौर पर संक्रमण भारत में भी फैल गया है.” पटेल ने कहा कि गुजरात में कोरोना की पुष्टि वाले एक मरीज ने सिंगापुर की यात्रा की थी.

कोरोना का नया वैरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं

अधिकारी ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस का ये वैरिएंट कम गंभीर है, इसलिए इन 15 रोगियों में से किसी को भी अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ी. उनका घर पर ही क्वारंटीन में इलाज किया जा रहा है. हालांकि हमारे अस्पतालों में पृथक वार्ड हैं, लेकिन उन्हें तुरंत इस्तेमाल करने की कोई आवश्यकता नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है. लोगों को बस सतर्क रहने की जरूरत है. खांसी और जुकाम वाले लोगों को बाहर जाने से बचना चाहिए.’’

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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