कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच देश के लिए अच्छी खबर भी सामने आई है. कोरोना से पीड़ित 101 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं. आज हम आपको ऐसे ही शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने कोरोनावायरस को मात दी है. उन्हें कैसे पता चला इस खतरनाक संक्रमण के बारे और इसके बाद उसकी क्या प्रतिक्रिया थी? आइये जानते हैं बेंगलरू निवासी कोरोना वायरस संक्रमित मरीज और उसके पूरी तरह स्वस्थ हो घर लौटने की पूरी कहानी, उसी की जुबानी.
हम जिस शख्स की बात कर रहे हैं उनका नाम है वेंकरा राघव. वो कोरोना की चपेट में आए थे लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद वो ठीक हो गए और समान्य लोगों की तरह जी रहे हैं और अपना काम कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब मैं बिल्कुल ठीक हूं. मैं हिथ्रो एयरपोर्ट से लॉस एजिल्ंस गया था. इस दौरान से कई लोगों से मिला. शायद तभी कोरोना वायरस मेरे शरीर में आया. जब मैं आठ मार्च को बेंगलूरू लौटा तो मुझे बुखार था. ऐसी हालत में मैंने खुद को आइशोलेट कर लिया. अगले दिन अस्पताल गया तो मुझसे मेरा यात्रा इतिहास मांगा गया. जांच के बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई. तब मैं अस्पताल में भर्ती हो गया. मेरे पूरे परिवार का जांच किया मगर किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं दिखे.
उन्होंने कहा कि कोरोना का बुखार भी आम बुखारों की तरह ही होता है. आइशोलशन सेंटर में खुद का ही ध्यान रखना होता है. ये अलग बात है कि वहां डॉक्टर और नर्स आपका ख्याल रखने के लिए मौजूद होते हैं. उन्होंने खुशी जतायी कि अब वो ठीक हैं. साथ ही ये भी कहा कि किसी और को संक्रमण न हो इसके लिए लोग खुद से सतर्क रहें. बता दें कि ताजा जानकारी के मुताबिक, देश में अबतक कोरोना के कुल 1251 मामले सामने आए हैं. इनमें से 32 लोगों की मौत हो गयी. कोरोना के खतरे मद्देनजर पूरा देश 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है. कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की कई कहानियां सामने आईं है. सभी ने कहा कि कोरोना का बुखार भी सामान्य बुखार की तरह ही होते हैं. ध्यान देने वाली बात ये भी है कि भारत में ये बीमारी विदेश से ही आई है.
