Cough Syrups : अब आप कफ सिरप सहित अन्य सिरप की खरीद बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं कर सकेंगे. इससे संबंधित एक नोटिफिकेशन केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी किया है. सरकार ने अब सिरप जिसमें कफ सिरप भी शामिल है, उसकी बिक्री ओवर-द-काउंटर किए जाने पर रोक लगा दी है.
कफ सिरप की ओवर द काउंटर बिक्री पर क्यों लगी रोक?
कप सिरप की ओवर द काउंटर बिक्री पर सरकार ने रोक तब लगाई जब 2025 में देश में कई बच्चों की मौत हुई. उस वक्त कोल्ड्रिफ नामक कफ सिरप के पीने से बच्चों की मौत हुई थी. उसके बाद हेल्थ मिनिस्ट्री ने शेड्यूल K दवाओं की अपनी लिस्ट से सिरप शब्द हटाने के बारे में एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिससे फार्मेसी के लिए कफ सिरप सिर्फ एक रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के साइन किए हुए वैलिड प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेचना जरूरी हो गया है. ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1945 के तहत, शेड्यूल K में उन दवाओं की लिस्ट है जिन्हें बेचने के लिए वैलिड मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं होती है.
ओवर द काउंटर बिक्री क्या है?
ओवर द काउंटर बिक्री उसे कहते हैं, जिसमें एक व्यक्ति सीधे दवा की दुकान जाकर खरीदारी कर लेता है, इसमें उसे डाॅक्टर की पर्ची या प्रिस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं होती है. इस तरह की दवाओं में पारासिटामोल, सर्दी-खांसी की कई दवाएं,एंटासिड और विटामिन की दवाइयां शामिल होती हैं. वहीं कई ऐसी दवाइयां भी हैं, जिन्हें बिना डाॅक्टर के प्रिस्क्रिप्शन ने नहीं दिया जाता है, जैसे एंटीबायोटिक, शुगर की दवाइयां इत्यादि. भारत में बने कफ सिरप की बिक्री हाल के सालों में विवादों में रही है, यह कहा गया कि खराब सिरप भारत के साथ-साथ कई दूसरे देशों में बच्चों की मौत का कारण बने हैं.
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