COVID-19: कोरोनावायरस से जंग के लिए भारत को 100 करोड़ डॉलर देगा वर्ल्ड बैंक

एक वायरस ने भारत से लेकर समूची दुनिया को हिलाकर रख दिया है. अब तक लाखों लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. चीन, अमेरिका, इटली, स्पेन, ब्रिटेन समेत पूरे यूरोप में कोहराम मचाता हुआ, कोरोना वायरस अब भारत के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

एक वायरस ने भारत से लेकर समूची दुनिया को हिलाकर रख दिया है. अब तक लाखों लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. चीन, अमेरिका, इटली, स्पेन, ब्रिटेन समेत पूरे यूरोप में कोहराम मचाता हुआ, कोरोना वायरस अब भारत के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. देश में यह घातक वायरस तेजी से फैल रहा है. कोरोना वायरस से लड़ रहे भारत को वर्ल्ड बैंक की तरफ से सौ करोड़ डॉलर यानि 76 अरब रुपये की आपात वित्तीय सहायता दी जाएगी. गुरुवार को इसकी मंजूरी दे दी गयी. इस पैसे से भारत को बेहतर स्क्रीनिंग, कंटेक्ट ट्रेसिंग, लेबोरेट्री डायग्नोस्टिक्स, सुरक्षात्मक उपकरणों की खरीद और नए आइसोलेशन वार्ड्स को बनाने में मदद मिल पाएगी.

बता दें कि दुनिया भर में तेजी से पैर पसार रहे कोरोना प्रकोप से निपटने के लिए विश्व बैंक ने विकासशील देशों की तत्काल मदद करने का फैसला किया है. बैंक के कार्यकारी निदेशक इस संबंध में एक प्रस्ताव पर सहमत हो गए हैं. पहले चरण में विश्व बैंक ने 25 देशों को विशेष आपातकालीन मदद देने का ऐलान किया है जिसके बाद वो और 40 देशों की भी मदद करेगा. पहले चरण में अफ्रीका, पूर्वी एशिया और पेसिफिक, दक्षिण एशिया, यूरोप और केंद्रीय एशिया, मध्यपूर्व और उत्तरी अफ्रीका के कई देश शामिल हैं, जिनमें से भारत भी एक है.

आपातकालीन वित्तीय सहायता का सबसे बड़ा हिस्सा भारत को दिया जाएगा जो एक अरब डॉलर का होगा. विश्व बैंक ने कहा है कि इस आर्थिक मदद से कोरोना वायरस की जांच करने, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, प्रयोगशाला में जांच करने, जरूरी मेडिकल उपकरण खरीदने और मरीज़ों को रखने के लिए नए आइसोलेशन सेंटर बनाने में मदद मिलेगी. साथ ही विश्व बैंक में पाकिस्तान के लिए भी 20 करोड़ की आपातकालीन मदद देने की घोषणा की है. इसके साथ ही अफगानिस्तान के लिए 10 करोड़ डॉलर, मालदीव के लिए 73 लाख डॉलर और श्रीलंका के लिए 12.86 करोड़ डॉलर की सहायता को मंजूरी दी गयी है.

भारत में बढ़ा कोरोना का खतरा

भारत में भी कोरोना वायरस के मामले लॉकडाउन के बावजूद दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के मरकज में आयोजित एक धार्मिक समारोह के चलते तेजी से फैला है. देश में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है. देश में पॉजिटिव केस का आंकड़ा गुरुवार तक स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अभी तक देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 2069 हो गई है. वहीं, अब तक इस वैश्विक महामारी से 53 लोग मारे जा चुके हैं. कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या में 400 से अधिक मामले निजामुद्दीन मरकज के तबलीगी जमात के लोगों का है. वहीं अगर दुनियाभर की बात करें तो संक्रमण का आंकड़ा 10 लाख पार कर गया है तो वहीं 53 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. अमेरिका में ये वायरस काफी ज्यादा कहर मचा रहा है. यहां मौतों का आंकड़ा 6 हजार पार कर चुका है. जबकि करीब दो लाख लोग कोरोना की चपेट में हैं.

ये आम लड़ाई नहीं, ये World War – C है

अमरीका के सेंटर फॉर डिजीजी कंट्रोल (सीडीसी) के पूर्व प्रमुख टॉम फ्राईडेन ने कहा है कि कोरोना से जंग में सभी देशों को एक होना पड़ेगा क्योंकि ये विश्वयुद्ध है.ओबामा प्रशासन में सीडीसी प्रमुख रहे टॉम ने कहा कि हर देश अपनी काबिलियत, ताकत और कमजोरियों के साथ इस युद्ध में डटा हुआ है. सभी स्वास्थ्य सेवा, समाज और समुदाय, सरकार और सार्वजनिक हित को ध्यान में रख कर इस संकट पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक अदना से वायरस के खिलाफ ये लड़ाई कोई आम जंग नहीं है बल्कि वर्ल्ड वॉर – कोरोना वायरस यानी वर्ल्ड वॉर – सी है और ये बेहद जरूरी है कि सभी देश एकजुट हो कर लड़ाई को आगे बढ़ायें.

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Author: Utpal Kant

Published by: Prabhat Khabar

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