Coronavirus outbreak: इनके लिए वरदान बना कोरोना, लॉकडाउन ने खोले अवसर के दरवाजे

सबके मन में बस एक ही सवाल है 14 अप्रैल के बाद क्या होगा ? आप भी तो यही जानना चाहते हैं ? आप ही क्यों मेरे मन में भी यही सवाल है. देश भर के लोग पिछले दो सप्ताह से अपने अपने घरों में बंद हैं. ऐसा लग रहा है कि जिंदगीजैसे थम सी गई है. बच्चे इरीटेट होने लगे हैं. घर में रहते रहते जिंदगी बोझिल सी हो गई है. बाहर भले प्रदूषण कम हो गया है. आसमान नीला दिखने लगा है. लेकिन चारदीवारी के अंदर लोगों का दम घुटने लगा है.

कोविड-19 के मद्देनजर देश में जारी संपूर्ण लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल तक है. इस बीच सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इसे बढ़ाने की दिशा में सोच रही है. माहौल भी ऐसा हो गया है कि लॉकडाउन खत्म होने का कोई चांस नहीं लग रहा है. कम से कम उन इलाकों में तो बिलकुल नहीं जहां पॉजिटिव केस लगातार सामने आ रहे हैं. शहरों से निकल कर कोरोना का वायरस ग्रामीण भारत में फैलने लगा है. भारत में अब तक 5,194 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 401 लोग ठीक हो चुके हैं. 149 लोगों की मौत हो चुकी है. बीते 24 घंटे में 35 लोगों की मौत हुई है जो एक दिन में अबतक का नया रिकार्ड है.साथ ही इन्हीं 24 घंटे में 773 नये मामलों की पुष्टि हुई है. लॉकडाउन का 14वां दिन है. इन 14 दिनों में जिंदगी करीब करीब सी थम गयी है. नया कुछ भी नहीं हो रहा. स्कूल-कॉलेज, उद्योग औऱ व्यापर पर गहरा असर पड़ा है. मगर इन सब के बीच यह वक्त ऑनलाइन कंपनियों के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है.

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इससे आईटी कंपनियों को अपने कारोबार बढ़ाने का अवसर दिया है. बता दें देश में 3 अरब डॉलर से अधिक ऑनलाइन शिक्षा का कारोबार है. दरअसल, कोरोना की वजह से लॉकडाइन होने से स्कूल-कॉलेज से लेकर कोचिंग संस्थान बंद हो गएहैं। इससे छात्रों को शुरुआत में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन बहुत से शिक्षण संस्थानों ने इसका उपाय निकाल लिया है. वह अपने छात्र-छात्राओं को मोबाइल ऐप, यूट्यूब के जरिये पढ़ा रहे हैं. स्कूलों और कोचिंग सेंटर्स ने अपने वर्चुअल क्लास और ऐप बनवाए हैं जिसे बच्चे प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं और मोबाईल फोन पर स्कूल या सेंटर्स द्वारा भेजे गए एसएमएस में दिए गए कोड को डालकर ऐप को जेनरेट करके पढ़ाई कर सकते हैं.

आईटी विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन ने यह आईटी कंपनियों और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में काम करने वाले पेशवरों के लिए बड़ा अवसर दिया है. बैंकिंग, शिक्षण, ई-कॉमर्स से लेकर तमाम तरह की सेवाएं देनी वाली कंपनियों को ऑनलाइन सर्विस का महत्व समझ में आ गया है. भविष्य में अपनी जरूरत के अनुरूप कंपनियां इस क्षेत्र में अपने को विकसित करेगी. इससे सॉफ्टवेयर पेशेवरों को बड़ा मौका मिलना तय है.

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Author: Utpal Kant

Published by: Prabhat Khabar

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