क्‍या Lockdown 4.0 में मिली छूट की वजह से देश में हुआ कोरोना ब्‍लास्‍ट ?

Coronavirus cases increasing in India : देश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले 10 दिनों से भारत में कोरोना का ग्राफ लगातार ऊंचाइयों को छूता जा रहा है. रोजाना 6 हजार से अधिक केस सामने आने लगे हैं. 24 घंटे में रिपोर्ट है कि देश में 6535 नये केस सामने आये हैं और 146 की मौत हुई है. अब तक कुल देश में 145380 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 4167 की मौत हो गयी है.

नयी दिल्‍ली : देश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले 10 दिनों से भारत में कोरोना का ग्राफ लगातार ऊंचाइयों को छूता जा रहा है. रोजाना 6 हजार से अधिक केस सामने आने लगे हैं. 24 घंटे में रिपोर्ट है कि देश में 6535 नये केस सामने आये हैं और 146 की मौत हुई है. अब तक कुल देश में 145380 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 4167 की मौत हो गयी है.

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देश में इस समय लॉकडाउन 4.0 जारी है. यह 18 मई से देश में प्रभावी हुआ, लेकिन इस चरण में सरकार की ओर से कई प्रकार के छूट दिये गये. देश में लगातार दो महीने तक बंद रहने से आर्थिक हालात बिगड़ने लगे थे. आर्थिक संकट को पटरी पर लाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लॉकडाउन 4.0 में कई प्रकार के छूट दिये. दुकानों और कल-कारखानों के खुल जाने से धीरे-धीरे ही सही, लेकिन आर्थिक संकट दूर होने लगे हैं. अब ऐसी भी खबर आ रही है कि देश में 31 मई के बाद लॉकडाउन पूरी तरह से खत्‍म कर दिया जाएगा.

लॉकडाउन जिस कारण से देश में लगाया गया है, क्‍या उसमें हम सफल हो पाये. अब ये सवाल उठने लगे हैं. आज कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार से पूछा है कि जब लॉकडाउन पूरी तरह ये असफल रहा, तो आगे की क्‍या योजना है. उन्‍होंने कहा, मोदी जी ने 21 दिन में कोरोना की लड़ाई जीतने की बात कही थी. लगभग 60 दिन हो चुके हैं. हिंदुस्तान पहला देश है, जो बीमारी के बढ़ने के बाद लॉकडाउन हटा रहा है. दुनिया के बाकी देशों ने लॉकडाउन तब हटाया, जब बीमारी कम होनी शुरू हुई. उन्होंने दावा किया, ऐसे में ये स्पष्ट है कि हमारे यहां लॉकडाउन विफल हो गया है. जो लक्ष्य मोदी जी का था, वो पूरा नहीं हुआ.

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लॉकडाउन 4.0 में दी गयी छूट के बाद लगातार बढ़े हैं कोरोना के केस

देश में लॉकडाउन 4.0 18 मई से लागू किया गया है. जिस दिन से इसकी शुरुआत हुई उसी दिन से कोरोना संक्रमण के केस में तेजी शुरू हो गयी. 17 मई को देश में कुल संक्रमितों की संख्‍या करीब 91 हजार थी और करीब 3 हजार लोगों की मौत हुई थी. लेकिन केवल 9 दिनों में संक्रमण का आंकड़ा बढ़कर 145380 हो गया. देश में कोरोना का पहला केस जनवरी में आया था. 50 हजार का आंकड़ा छूने में करीब 120 दिन लगे और उसके बाद करीब 150 लाख का आंकड़ा केवल 26 दिन में ही पहुंच गया.

लॉकडाउन 4.0 में ढील ने बढ़ायी देश की चिंता

लॉकडाउन 4.0 में कुछ पाबंदियों को छोड़ सभी गतिविधियों में छूट मिल चुकी है. प्रवासी मजदूरों को अपने राज्‍य लौटने की मंजूरी मिलने के साथ 75 लाख से अधिक प्रवासी अपने घर लौट चुके हैं. अब भी आना-जाना जारी है. प्रवासियों को आवागमन से कोरोना का संक्रमण शहरों से निकलकर गांवों तक पहुंच गया है. अब शहरों से कम और गांवों से कोरोना के मामले अधिक आ रहे हैं. इसका प्रमाण झारखंड है, जहां पिछले 10 दिनों में मामला करीब 150 के लगभग में था और अब 400 से अधिक केस हो गये हैं. झारखंड के करीब सभी जिले कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इसके अलावा लॉकडाउन 4.0 में रेड जॉन और कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सभी जहगों पर दूकानें खोलने की छूट मिल गयी है. शराब की दुकानें भी देशभर में कुछ राज्‍यों को छोड़कर खुल चुकी हैं.

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रेल और हवाई सफर भी शुरू

लॉकडाउन 4.0 में सड़क मार्गों को खोलने के साथ-साथ हवाई और रेल मार्ग को भी खोल दिया गया है. हालांकि अभी केवल 15 जोड़ी ट्रेनें ही देश में चल रही हैं, लेकिन 1 जून से 200 जोड़ी और ट्रेनें भी चलायी जाएंगी. दूसरी ओर हवाई यात्रा भी बहाल कर दी गयी है. लोगों का एक जगह से दूसरे जगह तक आना-जाना जारी है.

देश में हो रहे अधिक टेस्‍ट

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बताया है कि देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में अचानक तेजी आने के पीछे कारण है देश में अधिक टेस्‍ट हो रहे हैं. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बताया अब रोजाना 1 लाख से अधिक टेस्‍ट हो रहे हैं. यही कारण है कि देश में कोरोना के मामलों में अचानक तेजी आयी है.

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Author: ArbindKumar Mishra

Published by: Prabhat Khabar

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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