Coronavirus : Lockdown के बाद देश में आपातकाल लगाने के मैसेज को सेना ने बताया फर्जी

सेना ने कोरोना वायरस के मद्देनजर देश में अगले महीने आपातकाल लागू करने की संभावना से जुड़े सोशल मीडिया संदेशों को फर्जी करार देते हुए खारिज कर दिया है

नयी दिल्ली : सेना ने कोरोना वायरस के मद्देनजर देश में अगले महीने आपातकाल लागू करने की संभावना से जुड़े सोशल मीडिया संदेशों को फर्जी करार देते हुए खारिज कर दिया है.

सेना के अधिकारियों ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस के मद्देनजर सेवानिवृत कर्मियों, नेशनल कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत पंजीकृत स्वंयसेवकों की मदद लेने का कोई प्रयास नहीं किया गया है.

सेना के जन सूचना विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजीपीआई) ने ट्वीट किया, ”सोशल मीडिया पर अप्रैल के मध्य में देश में आपातकाल लगाने और नागरिक प्रशासन में मदद के लिये भारतीय सेना के सेवानिवृत्त कर्मियों, एनसीसी और एनएसएस की सहायता लेने के फर्जी और दुर्भावनापूर्ण संदेश फैलाये जा रहे हैं. एडीजीपीआई ने ट्वीट किया, ”स्पष्ट किया जाता है कि यह पूरी तरह फर्जी हैं.

फर्जी मैसेज वायरल होने का ये कोई पहला मामला नहीं इससे पहले सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हुआ था कि सेना सामूहिंक अंतिम सस्कार करने की ट्रेनिंग ले रही है. इस मैसेज में कहा जा रहा था कि सेना को यह ट्रेनिंग इसलिए दिलवाई जा रही है कि कोरोना से मरने वालों का अंतिम सस्कार किया जा सकें. सेना ने इसे भी फर्जी बताया था.

कोरोना वायरस से आई महामारी के बाद सरकार ने पूरे देश में 21 दिन का लॉक डाउन घोषित किया है. देश के सभी राज्यों में पूरी तरह से बंदी है. कई राज्यों में हालात को देखते हुए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. इसी दौरान सोशल मीडिया पर कई तरह के मैसेज वायरल हो रहे हैं, जिनमें फेक मैसेज और फेक न्यूज की संख्या बहुत ज्यादा है.

बता दें, इस दिनों भारतीय सेना कोरोना की लड़ने के लिए ऑपरेशन नमस्ते चला रही है. इसकी घोषणा खुद सेना प्रमुख नरवणे ने की थी वहीं देश में सोमवार को कोरोना वायरस मामलों की संख्या बढ़कर 1071 तक पहुंच गयी है और 29 लोगों की मौत हो चुकी है.

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By Mohan Singh

Mohan Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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