Nizamuddin Markaz: तबलीगी जमात में रेस्क्यू करने गये डॉक्टर पर थूका गया है. यही नहीं उन्हें गालियां दी गयी है और वर्दी उतरवाने की धमकी भी. रेलवे के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी कि दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में रेलवे के पृथक केंद्रों में रखे गये, तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जुड़े करीब 160 लोगों ने उनकी जांच कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ‘‘दुर्व्यवहार” किया और यहां तक कि उनपर ‘‘थूका” भी.
निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से 167 को मंगलवार की शाम तुगलकाबाद में रेलवे के पृथक केंद्रों में लाया गया था. उल्लेखनीय है कि मरकज में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से अनेक को कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और कुछ की मौत हो चुकी है. सूत्रों ने बताया कि रेलवे के केंद्र में इन 167 लोगों को रखे जाने के बाद रेलवे कॉलोनी के लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी. इस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया.
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा कि पृथक केंद्रों में उन्होंने (निजामुद्दीन मरकज से निकालकर लाये गये लोगों ने) स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया और खुद को दिये जा रहे भोजन को लेकर आपत्ति जतायी…यहां तक कि उन्होंने उन्हें देख रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर थूक तक दिया. इन लोगों ने पृथक केंद्रों में इधर-उधर घूमना बंद करने से भी मना कर दिया. आगे कुमार ने कहा कि हमले जिलाधिकारी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली को सूचना दी और उन्हें (पृथक केंद्रों में रखे गये लोगों) नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा करने या इन्हें किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर भेजने का आग्रह किया. शाम साढ़े पांच बजे दिल्ली पुलिस के चार और सीआरपीएफ के छह जवानों और एक पीसीआर वैन को पृथक केंद्रों पर तैनात किया गया.
जिला अधिकारियों ने इन लोगों में से 97 को डीजल शेड ट्रेनिंग स्कूल हॉस्टल पृथक केंद्र और 70 को आरपीएफ बैरक पृथक केंद्र में रखा गया है. रेलवे कॉलोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि मरकज से वहां लोगों को लाये जाने के 24 घंटे बाद भी कॉलोनी को संक्रमण मुक्त नहीं किया गया है. वायरस के प्रसार के डर से निवासी घरों के अंदर रहे और आवश्यक चीजें लेने भी बाहर नहीं जा पाये. इधर, कॉलोनी के एक निवासी ने कहा कि बस के पास खड़े बहुत से लोगों ने खांसा, छींक मारी और यहां तक कि सड़क पर थूका भी. हम कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं? सूत्रों ने बताया कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मुद्दे पर पहले ही जिले के अधिकारियों से बात कर चुके हैं.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरलसोशल मीडिया पर मामले का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें डॉक्टर पुलिसकर्मियों से कहते नजर आ रहे हैं कि यहां लोग कोऑपरेट नहीं कर रहे हैं और हमपर थूक रहे हैं. यही नहीं वे हमें गालियां दे रहे हैं और वर्दी उतरवाने की धमकी भी दे रहे हैं. आप भी देखें वीडियो…
