...तो बढ़ सकता है लॉकडाउन

महाराष्ट्र के लोग अगर अनुशासन में नहीं रहेंगे और कोविड-19 के मामले बढ़े तो महाराष्ट्र सरकार 14 अप्रैल को बंद नहीं हटाएगी. प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को यह बात कही. राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 14 तारीख को खत्म हो रहा है.

मुंबई : महाराष्ट्र के लोग अगर अनुशासन में नहीं रहेंगे और कोविड-19 के मामले बढ़े तो महाराष्ट्र सरकार 14 अप्रैल को बंद नहीं हटाएगी. प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को यह बात कही. राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 14 तारीख को खत्म हो रहा है.

इस बीच प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से यहां मिलकर उन्हें कोरोना वायरस के मद्देनजर लोगों के लिए अपने विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी. टोपे ने लोगों से अनुरोध किया कि वे सख्त अनुशासन का पालन करें जिससे इस महामारी के मामलों में गिरावट आए जिससे बंद को खत्म करने का मार्ग प्रशस्त होगा.

उन्होंने हालांकि कहा कि बंद जब भी हटाया जाएगा चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा,जिससे सभी लोगों को एक साथ सड़क पर आने की इजाजत नहीं मिले. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनो वायरस के प्रसार को रोकने के लिये 24 मार्च को देश भर में 21 दिन के राष्ट्रव्यापी बंद की घोषणा की थी.

टोपे ने कहा, लोगों को सख्ती से अनुशासन बनाए रखना चाहिए. लेकिन अगर वे ऐसा नहीं करते हैं (अनावश्यक रूप से घरों से बाहर आते हैं) और मरीजों की संख्या बढ़ती है तब कोई और विकल्प नहीं बचेगा और बंद को बढ़ाना होगा. उन्होंने कहा, इसलिये, लोगों को अनुशासन बरतना चाहिए. अगर वे ऐसा करते हैं तो मरीजों की संख्या घटेगी तथा तब हम हटा सकते हैं (बंद को).

टोपे ने बताया कि राज्य में शनिवार को कोविड-19 के 47 और मामले सामने आए जिससे संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 537 हो गई. राज्य में इस बीमारी से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच छगन भुजबल ने पवार को कोरोना वायरस के मद्देनजर अपने विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी.

एक बयान के मुताबिक भुजबल ने शरद पवार के निवास ‘सिल्वर ओक’ पर उनसे मुलाकात की. बयान के मुताबिक भुजबल ने पवार को बताया कि राशन कार्ड धारकों के लिये सरकार द्वारा लिये गए फैसलों का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे यह सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाए जा रहे हैं. मंत्री ने शुक्रवार को कहा था कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिये बुधवार से प्रदेश के 28.61 साथ राशन कार्ड धारकों को करीब 6.94 लाख क्विंटल अनाज वितरित किया गया.

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By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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