PM Modi At COP26 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सीओपी26 में सूर्योपनिषद का हवाला देते हुए कहा कि हर चीज सूर्य से पैदा हुई है. सूर्य ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है और सौर ऊर्जा सबका ख्याल रख सकती है. लीडर्स इवेंट ‘एक्सेलरेटिंग क्लीन टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड डेवलपमेंट’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि हमारी स्पेस एजेंसी इसरो विश्व को एक सोलर कैलकुलेटर ऐप्लिकेशन देने जा रही है.
पीएम मोदी ने कहा कि इससे सैटेलाइट डाटा के आधार पर विश्व की किसी भी जगह की सोलर पावर पोटेनशल मापी जा सकेगी. ये ऐप्लिकेशन सोलर प्रोजेक्ट का लोकेशन तय करने में उपयोगी होगा और इससे वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड को मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि इस रचनात्मक पहल से कार्बन फुटप्रिंट और ऊर्जा की लागत तो हम होगी ही अलग-अलग क्षेत्रों और देशों के बीच सहयोग का एक नया मार्ग भी खुलेगा. मुझे पूरा विश्वास है कि वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड और ग्रीन ग्रिड इनिशिएटिव के सामंजस्य से एक संयुक्त और सुदृढ़ वैश्विक ग्रिड का विकास हो पाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चुनौती सिर्फ इतनी है कि सौर ऊर्जा सिर्फ दिन में ही उपलब्ध है और मौसम पर ही निर्भर है. वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड इसी चुनौती का हल है. एक वर्ल्ड वाइड ग्रिड से क्लीन एनर्जी हर जगह, हर समय मिल पाएगी, इससे स्टोरेज की आवश्यकता भी कम होगी और सोलर प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता भी बढ़ेगी.
नरेंद्र मोदी ने कहा कि मानवता के भविष्य को बचाने के लिए हमें फिर से सूरज के साथ चलना होगा. जितनी ऊर्जा पूरी मानव जाति सालभर में उपयोग करती है, उतनी ऊर्जा सूर्य एक घंटे में धरती को देता है. ये अपार ऊर्जा पूरी तरह स्वच्छ और सतत है. लेकिन, आधुनिक काल में मनुष्य ने सूर्य द्वारा स्थापित चक्र से आगे निकलने की होड़ में प्राकृतिक संतुलन से छेड़छाड़ की और अपने पर्यावरण का बड़ा नुकसान भी कर लिया. अगर हमें फिर से प्रकृति के साथ संतुलित जीवन का संबंध स्थापित करना है तो इसका रास्ता हमारे सूर्य से ही प्रकाशित होगा.
पीएम ने कहा कि पृथ्वी पर जब से जीवन उत्पन्न हुआ, तभी से सभी प्राणियों का जीवन चक्र, उनकी दिनचर्या सूर्य के उदय और अस्त से जुड़ी रही है. जब तक यह प्राकृतिक कनेक्शन बना रहा तब तक हमारा ग्रह भी स्वस्थ रहा. उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्रांति को जीवाशम ईंधन ने ऊर्जा दी थी. जीवाशम ईंधन के इस्तेमाल से कई देश तो समृद्ध हुए लेकिन हमारी धरती, हमारा पर्यावरण निर्धन हो गए. जीवाशम ईंधन की होड़ ने भू-राजनीतिक तनाव भी पैदा किए लेकिन आज तकनीक ने हमें एक बेहतरीन विकल्प दिया है. उन्होंने कहा कि ग्रीन ग्रिड की मेरी कई सालों पुरानी परिकल्पना को आज अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और यूके के ग्रीन ग्रिड इनिशिएटिव से एक ठोस रूप मिला है.
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