Congress Chhatron ki Goonj: देश में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. कांग्रेस ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 25 जून को देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी, जिसके तहत पार्टी के 28 वरिष्ठ नेता अलग-अलग शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाएंगे. कांग्रेस ने इस अभियान के जरिए केंद्र सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की है.
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर कांग्रेस का अभियान
कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस शुरू करना और छात्रों से जुड़े सवालों को सामने लाना है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की मांग को लेकर यह अभियान चला रही है.
पार्टी ने अपने बयान में कहा, ‘इस अभियान के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग करती है, जिसकी शुरुआत केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से होनी चाहिए, क्योंकि वह मोदी सरकार की शिक्षा के प्रति दूरदृष्टि की कमी और कट्टर सोच को दर्शाते हैं.’
कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए बिना युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना मुश्किल है. पार्टी का आरोप है कि मौजूदा भाजपा सरकार की शिक्षा नीति में स्पष्ट दिशा और विजन की कमी है, जिसकी वजह से यह सरकार शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी समाधान करने में फेल रही है.
केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण, केंद्रीकरण और ‘संघीकरण’ को बढ़ावा दिया है. पार्टी ने कहा कि सरकार देश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में पर्याप्त कदम नहीं उठा पाई है.
कांग्रेस के बयान में कहा गया, ‘पिछले 12 वर्षों में RSS-BJP सरकार ने शिक्षा के निजीकरण, केंद्रीकरण और संघीकरण को ही आगे बढ़ाया है और भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए बहुत कम काम किया है. आज का संकट केवल बेरोजगारी का नहीं, बल्कि रोजगार पाने की क्षमता यानी एंप्लॉयबिलिटी का भी है.’
देशभर के 28 शहरों में होंगे कार्यक्रम
कांग्रेस ने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत पार्टी के नेताओं को देश के 28 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की जिम्मेदारी दी गई है. इन कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों को शिक्षा व्यवस्था पर होने वाली चर्चा में शामिल होने की अपील करेगी.
पार्टी ने कहा, ‘ये प्रेस कॉन्फ्रेंस एक आधुनिक, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली बनाने को लेकर राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत हैं. कांग्रेस पार्टी छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और चिंतित नागरिकों से इस महत्वपूर्ण बातचीत का हिस्सा बनने की अपील करती है.’
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किन नेताओं को मिली जिम्मेदारी?
कांग्रेस ने अलग-अलग शहरों के लिए अपने नेताओं की जिम्मेदारी तय कर दी है. इसके तहत-
अहमदाबाद में सतेज पाटिल
बेंगलुरु में वर्षा गायकवाड़
भोपाल में इमरान मसूद
भुवनेश्वर में पवन खेड़ा
दिल्ली में गौरव गोगोई
चेन्नई में प्रियंक खड़गे
कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत
पुणे में कन्हैया कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान केवल राजनीतिक मुद्दा उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था के भविष्य को लेकर व्यापक चर्चा शुरू करने की कोशिश है. वहीं, इस अभियान के जरिए पार्टी केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर दबाव बनाने और छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाने की तैयारी में है.
ANI के इनपुट के साथ.
