25 जून को कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान: देशभर में 28 नेता करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग

Congress Chhatron Ki Goonj: कांग्रेस ने छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया है. इसके तहत 25 जून को देशभर में 28 नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और शिक्षा सुधार को लेकर सरकार पर निशाना साधेंगे.

Congress Chhatron ki Goonj: देश में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. कांग्रेस ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 25 जून को देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी, जिसके तहत पार्टी के 28 वरिष्ठ नेता अलग-अलग शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाएंगे. कांग्रेस ने इस अभियान के जरिए केंद्र सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की है.

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर कांग्रेस का अभियान

कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस शुरू करना और छात्रों से जुड़े सवालों को सामने लाना है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की मांग को लेकर यह अभियान चला रही है.

पार्टी ने अपने बयान में कहा, ‘इस अभियान के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग करती है, जिसकी शुरुआत केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से होनी चाहिए, क्योंकि वह मोदी सरकार की शिक्षा के प्रति दूरदृष्टि की कमी और कट्टर सोच को दर्शाते हैं.’ 

कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए बिना युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना मुश्किल है. पार्टी का आरोप है कि मौजूदा भाजपा सरकार की शिक्षा नीति में स्पष्ट दिशा और विजन की कमी है, जिसकी वजह से यह सरकार शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी समाधान करने में फेल रही है.

केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण, केंद्रीकरण और ‘संघीकरण’ को बढ़ावा दिया है. पार्टी ने कहा कि सरकार देश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में पर्याप्त कदम नहीं उठा पाई है.

कांग्रेस के बयान में कहा गया, ‘पिछले 12 वर्षों में RSS-BJP सरकार ने शिक्षा के निजीकरण, केंद्रीकरण और संघीकरण को ही आगे बढ़ाया है और भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए बहुत कम काम किया है. आज का संकट केवल बेरोजगारी का नहीं, बल्कि रोजगार पाने की क्षमता यानी एंप्लॉयबिलिटी का भी है.’

देशभर के 28 शहरों में होंगे कार्यक्रम

कांग्रेस ने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत पार्टी के नेताओं को देश के 28 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की जिम्मेदारी दी गई है. इन कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों को शिक्षा व्यवस्था पर होने वाली चर्चा में शामिल होने की अपील करेगी.

पार्टी ने कहा, ‘ये प्रेस कॉन्फ्रेंस एक आधुनिक, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली बनाने को लेकर राष्ट्रीय संवाद की शुरुआत हैं. कांग्रेस पार्टी छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और चिंतित नागरिकों से इस महत्वपूर्ण बातचीत का हिस्सा बनने की अपील करती है.’

ये भी पढ़ें:- अभिषेक बनर्जी के ‘महल’ पर शुभेंदु अधिकारी की नजर, अवैध संपत्ति जब्त कर भूमिहीनों को देगी बंगाल सरकार

ये भी पढ़ें:- पीएम मोदी ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा तेज

किन नेताओं को मिली जिम्मेदारी?

कांग्रेस ने अलग-अलग शहरों के लिए अपने नेताओं की जिम्मेदारी तय कर दी है. इसके तहत-

अहमदाबाद में सतेज पाटिल

बेंगलुरु में वर्षा गायकवाड़

भोपाल में इमरान मसूद

भुवनेश्वर में पवन खेड़ा

दिल्ली में गौरव गोगोई

चेन्नई में प्रियंक खड़गे

कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत

पुणे में कन्हैया कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान केवल राजनीतिक मुद्दा उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था के भविष्य को लेकर व्यापक चर्चा शुरू करने की कोशिश है. वहीं, इस अभियान के जरिए पार्टी केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर दबाव बनाने और छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनाने की तैयारी में है.

ANI के इनपुट के साथ.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anant Narayan Shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >