लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, नोटिस पर 100 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर

No-Confidence Motion : नियम 94C के तहत लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा गया. विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की छूट दी गई है.

No-Confidence Motion : विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने का प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंप दिया है. इसकी संभावना पहले से व्यक्त की जा रही थी. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि मंगलवार दोपहर 1:14 बजे हमने नियम और प्रक्रिया के नियम 94C के तहत लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंप दिया है.

नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी : लोकसभा सचिवालय

लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ नोटिस दिया है. इस पर विचार किया जाएगा और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

स्पीकर को पद से हटाने का प्रस्ताव क्यों?

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ”बोलने की इजाजत नहीं देने”, साथ ही कांग्रेस की महिला सांसदों पर सदन में अनुचित स्थिति पैदा करने के आरोपों पर विपक्ष ने अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंप दिया. निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सांसद मोहम्मद जावेद तथा अन्य ने लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस सौंपा.

नोटिस पर 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए

नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है.

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विपक्ष ने ओम बिरला द्वारा सदन में 5 फरवरी को दिए गए उस वक्तव्य का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि 4 फरवरी को कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता (प्रधानमंत्री) की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे. इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में नहीं आए. नोटिस में आरोप लगाया गया है कि ये टिप्पणियां कांग्रेस के सदस्यों के खिलाफ खुले तौर पर झूठे आरोप लगाने वाली और अपमानजनक प्रकृति की हैं.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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