देश में कोयले का संकट बरकरार है. कोयला संकट की वजह से बिजली उत्पादन पर गंभीर असर पड़ा है. इन सबके बीच आज कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बारिश की वजह से कोयले की कमी हो गयी है और कोयले की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 60 रुपये प्रति टन से 190 रुपये प्रति टन की वृद्धि हुई है. इस वजह से आयातित कोयला बिजली संयंत्र या तो 15-20 दिनों के लिए बंद हो जाते हैं या बहुत कम उत्पादन करते हैं. इससे घरेलू कोयले पर दबाव पड़ा है.
कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हमने कोयले की आपूर्ति जारी रखी है, बकाये के बावजूद हम कोयले की आपूर्ति कर रहे हैं. राज्यों से हमारा यह अनुरोध है कि स्टाॅक बढ़ायें हम कोयले की कमी नहीं होने देंगे.
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कल हमने 1.94 मिलियन टन की आपूर्ति की, घरेलू कोयले की अब तक की सबसे अधिक आपूर्ति. जहां तक राज्यों का सवाल है, इस साल जून तक हमने उनसे स्टॉक बढ़ाने का अनुरोध किया था, उस वक्त कुछ राज्यों ने कहा कि कृपया एक एहसान करें, हमें अभी कोयला ना भेजें.
इधर सरकार ने कोल इंडिया लिमिटेड से दुर्गा पूजा के दौरान बिजली उत्पादकों को ईंधन की आपूर्ति बढ़ाकर 15.5 से 16 लाख टन प्रतिदिन करने को कहा है. साथ ही 20 अक्टूबर के बाद इसे बढ़ाकर 17 लाख टन प्रतिदिन करने को कहा गया है. देश में त्योहार शुरू हो चुके हैं, ऐसे में बिजलीघरों में कोयले की कमी को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण है.
पीटीआई न्यूज ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है कि दिल्ली में सोमवार को एक बैठक हुई और कोल इंडिया से बिजलीघरों को पूजा के दौरान 15.5 से 16 लाख टन प्रतिदिन कोयले की आपूर्ति करने को कहा गया.
Posted By : Rajneesh Anand
