Chhattisgarh Naxal Operation: छत्तीसगढ़ में 78 नक्सलियों ने किया सरेंडर, गृह मंत्री अमित शाह बोले- अब केवल तीन जिले बचे हैं

Chhattisgarh Naxal Operation: छत्तीसगढ़ में बस्तर क्षेत्र के तीन जिलों में 43 महिला नक्सलियों और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दो सदस्यों समेत 78 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया. इधर नक्सलियों के सरेंडर से गृह मंत्री अमित शाह ने खुश होते हुए कहा- अब केवल तीन जिले की बच गए हैं, जो नक्सलियों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

Chhattisgarh Naxal Operation: बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले में 10 महिलाओं समेत 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. उनमें से 16 नक्सलियों पर कुल 50 लाख रुपये का इनाम है. कांकेर जिले में माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दो सदस्यों और 32 महिला नक्सलियों समेत 50 नक्सलियों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक शिविर में आत्मसमर्पण कर दिया. वहीं कोंडागांव जिले में बुधवार को पांच लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है.

नक्सलियों ने 39 हथियार सौंपे

अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने 39 हथियार भी सौंपे, जिनमें सात एके-47 राइफलें, दो ‘सेल्फ-लोडिंग’ राइफलें, चार इंसास राइफलें, एक इंसास ‘एलएमजी (लाइट मशीन गन)’ और एक ‘स्टेन गन’ शामिल हैं. कैडरों में पांच डिविजनल कमेटी सदस्य–प्रसाद ताड़ामी, हीरालाल कोमरा, जुगनू कोवाची, नरसिंह नेताम और नंदे (राजमन मंडावी की पत्नी) हैं. अन्य में 21 एरिया कमेटी सदस्य और 21 पार्टी सदस्य शामिल हैं.

अब केवल तीन जिले ही नक्सलवाद से सर्वाधिक प्रभावित: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या घटकर तीन रह गई है. अब छत्तीसगढ़ में केवल बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह ऐतिहासिक है कि नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या छह से घटकर तीन रह गई है. उन्होंने कहा कि भारत 31 मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद के खतरे से मुक्त हो जाएगा.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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