पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कल जारी 86 उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं ने अपनी नाराजगी जतायी है. टिकट के कई दावेदारों का टिकट कटने के बाद वे निर्दलीय चुनाव लड़ने का मूड बना रहे हैं, जिसमें मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डाॅ मनोहर सिंह भी शामिल हैं.
चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डाॅक्टर मनोहर सिंह ने कहा कि वे बस्सी पठाना विधानसभा सीट से पार्टी का टिकट चाहते थे, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया, इसलिए वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. 2007 में भी वे ऐसा कर चुके हैं और चुनाव जीते थे.
डाॅक्टर मनोहर सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए नौकरी से वीआरएस भी ले लिया लेकिन कांग्रेस पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. आजतक में छपी खबर के अनुसार मनोहर सिंह को टिकट नहीं देने की वकालत खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने भी की थी. नवजोत सिंह सिद्धू ने मनोहर सिंह की जगह गुरप्रीत सिंह जीपी का समर्थन किया, जिसके बाद ऐसी खबरें आ रही हैं कि चन्नी के भाई मनोहर सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे.
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पंजाब विधानसभा में हैं 117 सीट
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सरकार बनाने के लिए चाहिए 59 सीट
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14 फरवरी को होगा मतदान, 10 मार्च को मतगणना
गौरतलब है कि कांग्रेस ने कल अपने 86 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसके पार्टी में घमासान मचा हुआ है. पार्टी के नेताओं को मोगा से सोनू सूद की बहन मालविका सूद को टिकट दिया बिलकुल भी नहीं भा रहा है. वहीं मनसा, मलोट और बस्सी पठाना सीट को लेकर भी अंसतोष उजागर हुआ है.
चमकौर साहिब से चुनाव लड़ेंगे चन्नी
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर पूर्व से चुनाव लड़ेंगे, इससे पहले उनकी पत्नी नवजोत कौर यहां से चुनाव जीत चुकी हैं.
ज्ञात हो कि पंजाब के 117 विधानसभा सीट के लिए 14 फरवरी को मतदान होना है और मतों की गिनती 10 मार्च को होगी. पंजाब सरकार का कार्यकाल 27 मार्च को समाप्त हो रहा है उससे पहले प्रदेश में नयी सरकार का गठन हो जायेगा. सरकार बनाने के लिए 59 सीटों की जरूरत किसी भी पार्टी को होगी.
Posted By : Rajneesh Anand
