दिल्ली पुलिस ने केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध (Kisan Andolan) कर रहे किसानों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी ‘चक्का जाम’ (Kisan Chakka Jam) के कारण पैदा हो सकने वाले हालात से निपटने के लिए अर्द्धसैन्य बलों समेत हजारों कर्मियों को तैनात किया है. शहर के सभी सीमा बिंदुओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी है. दिल्ली पुलिस (delhi police) ने राष्ट्रीय राजधानी के नाकों पर करीब 50,000 सुरक्षा बल तैनात करने का काम किया है. अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल भी इनमें नजर आ रहे हैं.
दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं और यहां हिंसा करने वालों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है. दिल्ली में ड्रोन आसमान में उड़ रहे हैं. इधर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) पहले ही कह चुकी है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में शनिवार को चक्का जाम के दौरान मार्गों को बंद नहीं किया जाएगा. किसान देश के अन्य हिस्सों में शांतिपूर्ण तरीके से तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को बाधित करेंगे. कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शन & Chaka Jam News से जुड़ी हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.
26 जनवरी को हुई थी हिंसा : गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद, दिल्ली पुलिस ने शहर और इसी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी करने और सतर्कता बढ़ाने समेत अतिरिक्त कदम उठाए हैं. लाल किले एवं आईटीओ समेत राष्ट्रीय राजधानी के अहम स्थानों पर बलों को तैनात किया गया है. लाल किले और आईटीओ पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा हुई थी, जिसमें 500 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी.
ड्रोन कैमरों से नजर : पुलिस प्रदर्शन स्थलों पर कड़ी नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर रही है. पुलिस ने प्रदर्शन स्थलों पर बहुस्तरीय अवरोधक लगाने, कंटीली तारें लगाने और सड़कों पर कीलें लगाने समेत कई कदम एहतियातन उठाए हैं. अधिकारियों ने बताया कि बलों के खिलाफ अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया की सामग्री पर नजर रखी जा रही है.
ये मेट्रो स्टेशन बंद : मंडी हाउस, ITO, दिल्ली गेट, लाल किला, जामा मस्जिद, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय और विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के गेट बंद करने का काम किया गया है. हालांकि इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा खुली रहेगी.
चक्का जाम का एलान : आपको बता दें किसान संगठनों ने छह फरवरी को ‘चक्का जाम’ किये जाने की सोमवार को घोषणा की थी. किसान नेताओं ने कहा था कि वे छह फरवरी की दोपहर 12 बजे से अपराह्र तीन बजे तक सड़कों को अवरुद्ध करेंगे.
भाषा इनपुट के साथ
