UPSC की अंतिम बार परीक्षा देनेवाले अभ्यर्थियों को मौका देने के पक्ष में केंद्र सहमत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त मौके देने के लिए केंद्र सहमत नहीं है. मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार से हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही मामले की सुनवाई 25 जनवरी के लिए अधिसूचित कर दी.

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त मौके देने के लिए केंद्र सहमत नहीं है. मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार से हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही मामले की सुनवाई 25 जनवरी के लिए अधिसूचित कर दी.

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि यूपीएससी के लिए कोई अतिरिक्त प्रयास उन अभ्यर्थियों को नहीं दी जायेगी, जिन्होंने अक्तूबर में अपना अंतिम प्रयास किया था और कोविड -19 के कारण उपस्थित नहीं हो सके थे.

अदालत ने केंद्र सरकार से फैसले को लेकर हलफनामा दायर करने को कहा और मामले की सुनवाई 25 जनवरी तक के लिए टाल दी. मालूम हो कि यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पिछले साल 2020 के अक्तूबर में आयोजित की गयी थी.

कोरोना संकट के बीच ली गयी परीक्षा में कुछ अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हो सके थे. प्रारंभिक परीक्षा में अनुपस्थित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट से कोरोना संकट के कारण यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के लिए अतिरिक्त मौके दिये जाने की गुहार लगायी है.

केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए सरकार से मिली जानकारी के आधार पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि केंद्र सरकार अतिरिक्त मौके देने पर सहमत नहीं है. साथ ही न्यायमूर्ति ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल को 25 जनवरी तक हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया.

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