उन्होंने कहा सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने पुणे में एनडीए के 144वें कोर्स की पासिंग आउट परेड की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने पासिंग-आउट कोर्स को बधाई दी. उन्होंने कहा, मैं इस पुरुष गढ़ में सेंध लगाने के लिए महिला कैडेटों को बधाई देता हूं. मुझे खुशी है कि आपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपने पुरुष भाइयों के समान जिम्मेदारियों को उठाने का विकल्प चुना है
‘हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब वैश्विक सुरक्षा की स्थिति सबसे अच्छी नहीं’
उन्होंने कहा, हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब वैश्विक सुरक्षा की स्थिति सबसे अच्छी नहीं है और अंतर्राष्ट्रीय भू-राजनीतिक व्यवस्था प्रवाह की स्थिति में है. यूरोप में युद्ध, हमारी उत्तरी सीमाओं पर पीएलए की निरंतर तैनाती और हमारे निकट पड़ोस में राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल, ये सभी भारतीय सेना के लिए एक अलग तरह की चुनौती पेश करते हैं. सशस्त्र बल नियंत्रण रेखा पर हमारे दावों की वैधता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और न केवल हमारे निकट बल्कि विस्तारित पड़ोस में भी शांति और स्थिरता बनाए रखने में रचनात्मक भूमिका निभाते हैं
‘भारत की सशस्त्र सेनाएं भी एक बड़े बदलाव की राह पर’
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा, हम सैन्य मामलों में एक नई क्रांति भी देख रहे हैं, जो ज्यादातर तकनीक से संचालित है… भारत की सशस्त्र सेनाएं भी एक बड़े बदलाव की राह पर हैं, संयुक्तता, एकीकरण और रंगमंचीय कमानों का निर्माण करने की तैयारी में हैं. आपको बताएं की सीडीएस जनरल अनिल चौहान एनडीए की 144वीं पासिंग आउट परेड में शामिल हुए, उन्होंने सभी कैडेट्स को बधाई दी.
