सीबीआई का दावा: ​लातूर के डॉक्टर ने 5 लाख में बेचा नीट का पेपर

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने कोर्ट में बड़ा खुलासा किया है. लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज शिरुरे ने एक छात्र के परिवार से 5 लाख रुपये लिए; और परीक्षा से पहले ही उसे लीक हुआ रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) का प्रश्नपत्र दिखा दिया था.

CBI investigation : नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई (CBI) ने गुरुवार को विशेष अदालत के सामने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि इस धांधली में गिरफ्तार किए गए महाराष्ट्र के लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे ने एक स्टुडेंट के परिवार से पांच लाख रुपये की भारी रकम वसूली थी. इसके बदले में डॉक्टर ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही उस छात्र को लीक हो चुका रसायन विज्ञान का ओरिजिनल प्रश्नपत्र दिखा दिया था, ताकि वह परीक्षा में आसानी से पास हो सके.​

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान खुला राज

​सीबीआई ने यह सारी महत्वपूर्ण जानकारी कोर्ट में डॉ. शिरुरे की जमानत याचिका पर हो रही सुनवाई के दौरान पेश की. जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपी डॉक्टर ने इस पूरे घोटाले में दो अन्य डॉक्टरों को सह-आरोपी पी.वी. कुलकर्णी से मिलवाने में मुख्य भूमिका निभाई थी. इन दोनों डॉक्टरों के बच्चों को भी इस लीक हुए प्रश्नपत्र का सीधा फायदा मिला था. जांच में सामने आया है कि इन डॉक्टरों के बच्चों के लिए पहले से ही पेपर का इंतजाम कर दिया गया था.

अप्रैल में ही लीक हो गया था केमिस्ट्री का पेपर

​जांच एजेंसी के दावों के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर ने सह-आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के बेटे आदित्य मोटेगांवकर को यह पेपर दिखाया था. यह धोखाधड़ी मई में हुई नीट-यूजी परीक्षा से काफी पहले, यानी अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही अंजाम दे दी गई थी. अप्रैल में लीक हुए रसायन विज्ञान के इसी प्रश्नपत्र को दिखाकर छात्रों को परीक्षा के लिए तैयार किया गया था. सीबीआई इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.

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आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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