मोदी कैबिनेट का फैसला! आंध्र प्रदेश-कर्नाटक के बीच बनेगा नया आर्थिक कॉरिडोर, केमिकल सेक्टर को भी मिलेगी नई रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने दो अहम फैसले लिए हैं. इसमें आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को जोड़ने वाला रेलवे कॉरिडोर और देश के केमिकल सेक्टर के लिए नई योजना शामिल है.

Ashwini Vaishnaw : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दो अहम फैसलों को मंजूरी दी गई. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पहला फैसला आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को जोड़ने वाले अहम रेलवे कॉरिडोर से जुड़ा है, जबकि दूसरा फैसला देश के केमिकल सेक्टर को नई दिशा देने के लिए नई योजना शुरू करने का है. केंद्र सरकार का कहना है कि केमिकल उद्योग भी सेमीकंडक्टर की तरह देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद है.

उत्तर कर्नाटक बनेगा बड़ा आर्थिक हब

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने गुंटकल से बल्लारी के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बनाने को मंजूरी दे दी है. इससे पहले बल्लारी-होसपेट सेक्शन को मंजूरी मिल चुकी है और होसपेट-हुब्बली के लिए डीपीआर तैयार हो रही है. हुब्बली से अंकोला तक नई लाइन बनने के बाद उत्तर कर्नाटक में एक बड़ा आर्थिक कॉरिडोर तैयार होगा. 46 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 1,264 करोड़ खर्च होंगे और इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दो अहम फैसलों को मंजूरी दी गई. पहला फैसला आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को जोड़ने वाले अहम रेलवे कॉरिडोर से जुड़ा है, जबकि दूसरा फैसला देश के केमिकल सेक्टर को नई दिशा देने के लिए नई योजना शुरू करने का है. केंद्र सरकार का कहना है कि केमिकल उद्योग भी सेमीकंडक्टर की तरह देश की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

रेल से माल ढुलाई होगी सस्ती और पर्यावरण को फायदा

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सड़क के मुकाबले रेल से माल ढुलाई करने पर 89 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन होता है. रेल परिवहन सस्ता भी है और पर्यावरण के लिए बेहतर भी. उन्होंने बताया कि भारत का रेलवे नेटवर्क अब 99.6 प्रतिशत विद्युतीकृत हो चुका है, जो दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिफाइड रेल नेटवर्क में शामिल है.

हाइड्रोजन ट्रेन और रोजगार पर बड़ा दावा

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि 17 जुलाई 2026 को शुरू हुई हाइड्रोजन ट्रेन ने अब तक 1,000 किलोमीटर का सफल संचालन पूरा कर लिया है. नई रेलवे लाइन बनने से हर साल 1.6 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी. इससे कार्बन उत्सर्जन में इतनी कमी आएगी, जितना लाभ 27 लाख पेड़ लगाने से मिलता. इस परियोजना से 31 लाख मानव-दिवस का रोजगार पैदा होगा और देश की लॉजिस्टिक्स लागत में हर साल करीब 149 करोड़ की बचत होने का अनुमान है.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

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