देश के 7000 से अधिक गांवों में होगी 4जी कनेक्टिविटी, कैबिनेट ने हरी झंडी दिखाई

कैबिनेट में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के चरण 1-2 में जहां सड़क नहीं बन पायी वैसे क्षेत्रों में इस बार सड़क बनायी जायेगी.

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद आज मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तीसरे चरण को मंजूरी दे दी है. जनजातीय इलाकों में 32,152 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जायेगा. इस पर 33,822 करोड़ रूपये का अनुमानित व्यय होगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय किया गया.

मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चरण-1, चरण-2 और वामपंथी चरमपंथ प्रभावित इलाकों में सड़क सम्पर्क योजना (आरसीपीएलडब्ल्यूईए) को जारी रखने को मंजूरी प्रदान की. उन्होंने बताया कि इस पर 33,822 करोड़ रूपये का अनुमानित व्यय होगा जिसमें केंद्र की हिस्सेदारी 22,978 करोड़ रूपये होगी .

कैबिनेट में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के चरण 1-2 में जहां सड़क नहीं बन पायी वैसे क्षेत्रों में इस बार सड़क बनायी जायेगी. खासकर उग्रवाद प्रभावित और जनजातीय क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि घने जंगलों, पहाड़ों और नदियों से होकर सड़कें बनेंगी.

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अनुराग ठाकुर ने बताया कि आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा के 44 जिलों के 7000 से अधिक गांवों में मोबाइल टावर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी. सरकार ने इन गांवों में 4जी मोबाइल सेवाएं प्रदान करने का निर्णय लिया है. परियोजना पर 6466 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है.

Posted By : Rajneesh Anand

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