Delhi Building Collapse : साउथ वेस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने मलबे से 10 लोगों को निकालकर तुरंत एम्स के जय प्रकाश नारायण (जेपीएन) एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल लाते ही 5 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि गंभीर रूप से घायल एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई.
तीन घायलों का इलाज जारी, एक की सर्जरी हुई
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, तीन घायल मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है. इनमें से एक मरीज के अंग (हाथ/पैर) में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी सर्जरी की गई है. वहीं, मामूली रूप से घायल एक अन्य मरीज को प्राथमिक उपचार और निगरानी के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
40 से 50 छात्रों के दबे होने की आशंका
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:34 बजे 'हॉस्टल डेज' नाम का पांच मंजिला बॉयज पीजी भरभराकर गिर पड़ा, जिससे बगल की इमारत भी चपेट में आ गई. रविवार की छुट्टी होने की वजह से ज्यादातर छात्र अपने कमरों में ही मौजूद थे, जिसके चलते मलबे के नीचे 40 से 50 छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है.
मलबे से 11 छात्र सुरक्षित निकाले गए, युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), डीडीएमए (DDMA), दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू किया. अब तक मलबे से 11 छात्रों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. एम्स ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के अनुसार, वहां भर्ती दो छात्रों की स्थिति फिलहाल बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें बचाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.
इमारत मालिक पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
साउथ कैंपस थाना पुलिस ने लापरवाही बरतने के मामले में इमारत के मालिक हरिराम और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 290 और 125 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस और प्रशासन पीजी के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की पड़ताल कर रहे हैं, ताकि इमारत में रह रहे छात्रों की सही संख्या का मिलान कर मलबे में फंसे बाकी लोगों को तेजी से निकाला जा सके.
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