Budget 2025: आम बजट के जरिये विधानसभा चुनाव को साधने की कवायद

केंद्र सरकार ने बिहार के हर क्षेत्र को साधने की कोशिश की है. बिहार को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग काफी समय से की जा रही है. लेकिन केंद्र सरकार विशेष दर्जा देने की बजाय राज्य को विशेष पैकेज देने की दिशा में काम कर रही है.

केंद्र सरकार ने पिछले साल पेश अंतरिम बजट में भी बिहार के लिए कई घोषणाएं की थी. इस बार भी केंद्रीय बजट में बिहार के लिए कृषि, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और बाढ़ से निपटने के लिए कोसी पर कैनाल बनाने का वादा किया है. केंद्र सरकार ने बिहार के हर क्षेत्र को साधने की कोशिश की है. बिहार को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग काफी समय से की जा रही है, लेकिन इसमें तकनीकी दिक्कतें हैं. इसे देखते हुए केंद्र विशेष दर्जा देने की बजाय राज्य को विशेष पैकेज देने की दिशा में काम कर रही है. बिहार में मखाना की खेती बड़े पैमाने पर होती है.

कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र में मछुआरा समाज मखाना की खेती से जुड़ा हुआ है. इस वर्ग को साधने को लिए आम बजट में मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा की गयी है. यह बोर्ड मखाना के उत्पादन, विपणन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन का काम करेगा. साथ ही मखाना किसानों को ट्रेनिंग देने का काम किया जायेगा. इससे कोसी और मिथिलांचल के लाखों किसानों को फायदा होगा, खास कर अति पिछड़े वर्ग को. केंद्र के इस फैसले का बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए को सियासी लाभ मिलने की पूरी संभावना है. इन घोषणाओं के जरिये विपक्षी दलों के विशेष राज्य के दर्जे की मांग भी कमजोर होगी. 

बाढ़ की समस्या का समाधान करने की कोशिश


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कोसी नदी के कारण बाढ़ की समस्या को दूर करने के लिए पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए वित्तीय मदद देने की घोषणा की है. इस कैनाल के निर्माण से हर साल आने वाली बाढ़ की विभीषिका को रोकने में मदद मिलेगी और साथ ही किसानों को सिंचाई की सुविधा का लाभ मिलेगा. बाढ़ की समस्या के कारण हर साल मिथिलांचल और कोसी के क्षेत्र में लोगों को जान-माल की हानि होती है. केंद्र की यह घोषणा कोसी और मिथिलांचल के बड़ी आबादी के लिए वरदान साबित होगा. इसके अलावा बजट में पटना आईआईटी के क्षमता विकास और हॉस्टल सुविधा को बढ़ाने की घोषणा की गयी है.

बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास की काफी संभावना है. इस संभावना को देखते हुए बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान के गठन का वादा किया गया है. इसके अलावा पटना, बिहटा एयरपोर्ट का विस्तार करने और कई नये एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की गयी है. निश्चित तौर पर बिहार के हर क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए घोषणा की गयी है और इन घोषणाओं का लाभ जहां एनडीए गठबंधन को मिलेगा. इसके अलावा भी कई ऐसी घोषणाएं निकट भविष्य में हो सकती है, जिसका लाभ बिहार को मिलेगा.

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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