BSF : आखिर कैसे पाकिस्तान के इलाके में चला गया बीएसएफ का जवान?

BSF : पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ के जवान को हिरासत में ले लिया है. उसके परिवार ने रिहाई की गुहार लगाई है. जानें कैसे पाकिस्तान के इलाके में चला गया बीएसएफ का जवान?

BSF : पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रहने वाले बीएसएफ जवान पी के साहू को पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया है. वह पंजाब के फिरोजपुर सीमा पर 182वीं बटालियन में तैनात थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर ली थी, जिसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया. जवान के परिवार वाले उनकी सुरक्षित वापसी के लिए बेहद चिंतित हैं और बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. भारत सरकार और बीएसएफ के अधिकारी इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और रिहाई के प्रयास किए जा रहे हैं.

कैसे पाकिस्तान की ओर चला गया बीएसएफ का जवान?

हुगली के रिशरा के हरिसभा इलाके के रहने वाले साहू कथित तौर पर सीमा के पास किसानों के एक ग्रुप के साथ थे, तभी वह एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए आगे बढ़े और अनजाने में पाकिस्तान की सीमा में चले गए, जहां उन्हें पकड़ लिया गया. साहू के भाई श्यामसुंदर साहू ने केंद्र सरकार और बीएसएफ अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. उन्होंने एक बांग्ला समाचार चैनल से कहा, “हम चाहते हैं कि सरकार उनकी सुरक्षित और तत्काल वापसी सुनिश्चित करे. पूरा परिवार बेहद चिंतित है.”

छुट्टी बिताने के बाद 31 मार्च को ड्यूटी पर लौटे थे साहू

आधिकारिक सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया, घटना के समय जवान वर्दी में था और उसके पास उसकी सरकारी राइफल थी. करीब 40 वर्षीय साहू घर से छुट्टी बिताने के बाद 31 मार्च को ड्यूटी पर लौटे थे. साहू के परिवार के सदस्यों के अनुसार, वह बीएसएफ में 17 साल से हैं और अपने माता-पिता, पत्नी और सात साल के बेटे के साथ रहते हैं. इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है. खबर मिलने के बाद से उनकी पत्नी रजनी साहू बेसुध हैं.

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पत्नी रजनी साहू ने कहा, “उनके एक सहकर्मी ने हमें फोन करके बताया कि उन्हें ड्यूटी के दौरान पकड़ लिया गया है. मैंने उनसे आखिरी बार मंगलवार रात को बात की थी. वह 17 साल से बीएसएफ में हैं. मैं बस यही चाहती हूं कि वह जल्द ही घर लौट आएं.”

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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