ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने खुद चलाई ट्रैक्टर जब निगमकर्मी ने कोरोना संक्रमित शव ले जाने से किया इनकार : VIDEO

हैदराबाद : तेलंगाना के पेड्डापल्ली जिले के सरकारी अस्पताल में कोरोनावायरस के कारण एक शख्स की मौत हो गयी. उसके शव को श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने खुद ट्रैक्टर चलायी. ट्रैक्टर से ही उस शख्स के शव को श्मशान घाट तक पहुंचाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो काफी वायरस हो रहा है.

हैदराबाद : तेलंगाना के पेड्डापल्ली जिले के सरकारी अस्पताल में कोरोनावायरस के कारण एक शख्स की मौत हो गयी. उसके शव को श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने खुद ट्रैक्टर चलायी. ट्रैक्टर से ही उस शख्स के शव को श्मशान घाट तक पहुंचाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो काफी वायरस हो रहा है.

समाचार एजेंसी एएनआई ने भी इसका वीडियो शेयर किया है, जिसमें ड्यूटी पर तैना डॉक्टर खुद नगर निगम का ट्रैक्टर चला रहे हैं और ट्रैक्टर के डाले में कोरोना संक्रमित का शव रखा हुआ है. ट्रैक्टर के डाले में कई स्वास्थ्यकर्मी भी सवार हैं और ट्रैक्टर के आगे-पीछे दो-तीन और स्वास्थ्यकर्मी चल रहे हैं. डॉक्टर का नाम डॉ श्रीराम है और वे इस अस्पताल के नोडल अफसर हैं.

बताया गया कि अस्पताल में भर्ती एक कोरोनावायरस पॉजिटिव शख्स की मौत हो गयी. उसके बाद उसके शव को श्मशान पहुंचाने के लिए नगर निगम से गाड़ी की व्यवस्था करने को कही गयी. नगर निगम ने एक ट्रैक्टर को चालक के साथ अस्पताल भेज दिया. लेकिन चालक को जैसे ही पता चला कि शव कोरोना संक्रमित का है, उसके ट्रैक्टर चलाने से इनकार कर दिया.

नोडल अफसर डॉ श्रीराम ने चालक को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना. उसके बाद डॉ श्रीराम ने खुद मोरचा संभाला और ट्रैक्टर के ड्राइविंग सीट पर बैठ गये. डॉक्टर खुद पीपीई किट पहने हुए थे. उसके साथ चार सुरक्षाकर्मी भी शव को श्मशान तक पहुंचाने में मदद करने के लिए ट्रैक्टर पर सवार हो गये. सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने भी पीपीई किट पहना हुआ था. शव को श्मशान पहुंचाकर उसका अंतिम संस्कार करवाकर डॉक्टर वापस लौटे.

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इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोग इसे डॉक्टर का मानवीय चेहरा बता रहे हैं, तो कुछ लोग ट्रैक्टर से शव को श्मशान घाट पहुंचाने को शर्मनाक बता रहे हैं. लोगों को कहना है कोरोनावायरस संक्रमितों के शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है. कभी उनके शव को जेसीबी में रखकर श्मशान पहुंचाया जाता है, तो कभी ट्रैक्टर पर रखकर. वहीं, कुछ लोग डॉक्टर को सलाम कर रहे हैं कि उन्होंने अपनी ड्यूटी बड़े ही ईमानदारी से निभायी है.

Posted By: Amlesh Nandan Sinha.

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