बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है. बीजेपी के शहीद सम्मान यात्रा, युवा संकल्प यात्रा और जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर दोनों पार्टियां आमने-सामने आ गई हैं. सिलीगुड़ी में मंगलवार को बीजेपी के शहीद सम्मान यात्रा की शुरुआत में पुलिस की कार्रवाई के बाद बयानबाजी तेज है. पुलिस ने बीजेपी विधायक शंकर घोष समेत पार्टी के 30 कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया. इससे नाराज बीजेपी ने बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को तालिबान बता डाला.
दरअसल, बीजेपी ने सिलीगुड़ी में युवा संकल्प यात्रा निकालने की तैयारी की थी. यात्रा निकालने के साथ ही सिलीगुड़ी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विधायक शंकर घोष समेत 30 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया. इसको लेकर बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने ममता सरकार पर आरोप लगाया है. सिलीगुड़ी के डीसीपी जॉय टुडू ने बताया कि बीजेपी ने युवा संकल्प यात्रा को निकालने की परमिशन नहीं ली गई. इसी कारण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया.
मोदी मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों ने जन आशीर्वाद यात्रा निकालने का ऐलान भी किया था. इस पर भी पुलिस की बढ़ती सख्ती को लेकर बीजेपी ने ममता सरकार पर हमला किया है. सिलीगुड़ी में बीजेपी विधायक और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर बयानबाजी भी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री जॉन बारला ने पुलिस की कार्रवाई के बाद ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के राज में तालिबानी शासन चल रहा है. बीजेपी से दीदी डर गई हैं और आने वाले पंचायत और नगरपालिका चुनाव में टीएमसी की हार तय है.
बीजेपी विधायक और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई को पार्टी के बंगाल प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी गलत बताया है. दिलीप घोष का कहना है कि बीजेपी कार्यालय के सामने पुलिस की तैनाती कर दी गई है. हमें यात्रा निकालने से रोका जा रहा है. क्या हम अपने ऑफिस में नहीं जा सकते हैं? क्या हम यात्रा नहीं निकाल सकते हैं? दिलीप घोष ने आरोप लगाया है कि त्रिपुरा में जाने वाले टीएमसी नेताओं और ममता के मंत्रियों को पुलिस की सुरक्षा दी जा रही है. अगर बंगाल की बात करें तो यहां पुलिस उन पर कार्रवाई कर रही है. बीजेपी की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है.
