BJP: शीश महल पर कैग रिपोर्ट, केजरीवाल के खिलाफ आक्रामक हुई भाजपा

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने एक बार फिर शीश महल का मामला उठाते हुए आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने की मुख्यमंत्री आवास बनाने में पानी की तरह पैसा बहाया और नियमों को ताक पर रखकर लग्जरी घर का निर्माण किया.

BJP: दिल्ली विधानसभा चुनाव पहले आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच शीश महल को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. भाजपा कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए शीश महल पर हुए खर्च को लेकर केजरीवाल पर हमलावर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कोरोना के दौर में केजरीवाल द्वारा शीश महल पर करोड़ों रुपये खर्च करने का मुद्दा उठा चुके है. कैग रिपोर्ट के आधार पर छपी खबर के बाद भाजपा आम आदमी पार्टी पर हमलावर है. सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने एक बार फिर शीश महल का मामला उठाते हुए आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने की मुख्यमंत्री आवास बनाने में पानी की तरह पैसा बहाया और नियमों को ताक पर रखकर लग्जरी घर का निर्माण किया. 

यही नहीं जिस लागत पर घर का निर्माण होना था वह घर बनने तक कई गुणा बढ़ गयी. मुख्यमंत्री के घर में बने तीनों फ्लोर में एक-एक किचन बनाया गया, जिसके कारण कीमत काफी बढ़ गयी. संबित पात्रा ने कहा कि खास बात है कि इस घर में लाखों रुपये खर्च करके मिनी बार बनाया गया, घर में सिल्क कारपेट भी बिछाने के अलावा स्टाफ ब्लॉक और कैंप ऑफिस बनाने के लिए भी करोड़ों रुपये का खर्च हुआ.

हैरानी की बात यह रही कि काम पूरा होने से पहले ही ठेकेदार को पूरा पैसा आवंटित कर दिया गया. केजरीवाल ने 8 सर्वेंट क्वार्टर बनाने के लिए भी पैसा आवंटित कराया, लेकिन इस पैसे का इस्तेमाल भी शीश महल बनाने पर खर्च किया गया. 

योजना की रकम से अधिक राशि हुई प्रचार पर खर्च

संबित पात्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कई योजनाओं का प्रचार अपनी उपलब्धि बताने के लिए जमकर किया. दिल्ली सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर होने का दावा करती है. बच्चों को बिजनेस से जोड़ने के लिए शुरू की गयी  बिजनेस ब्लास्टर्स के लिए 54 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया, लेकिन उसके विज्ञापन पर 80 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए. देश के मेंटर नाम के प्रोग्राम में एक करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन विज्ञापन पर ही 28 करोड़ रुपये लुटा दिए गए. प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने पराली मैनेजमेंट का खूब प्रचार किया.

पराली मैनेजमेंट के लिए दिल्ली सरकार ने 77 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन इसके विज्ञापन पर 24 करोड़ रुपये खर्च किए गए. दिल्ली सरकार की कई योजनाओं का हाल यही है. योजना पर खर्च करने की बजाय दिल्ली सरकार ने विज्ञापन पर खूब पैसा लुटाया. ऐसा लगता है कि दिल्ली में विज्ञापन में ही बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया है. अरविंद केजरीवाल काम करने की बजाय विज्ञापन बाबा बनकर दिल्ली के लोगों को गुमराह करते रहे. 

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Author: Vinay Tiwari

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