बिहार के लोग यूपी में जहरखुरानी गिरोह के हुए शिकार, सरयू एक्सप्रेस में 3 बेहोश

सुलतानपुर में सरयू एक्सप्रेस में कथित जहरखुरानी गिरोह ने बुजुर्ग दंपति समेत तीन यात्रियों को निशाना बना लिया. तीनों बेहोश हालत में मिले, जिन्हें आरपीएफ ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया. ये गिरोह नशीला पदार्थ या जहर मिलाकर लोगों को बेहोश कर देता है.

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सुलतानपुर पोस्ट के प्रभारी राम कुमार वर्मा ने बताया कि बेहोश मिले लोगों की पहचान टिकट और आधार कार्ड से हुई. इनमें बिहार के चंपारण के कल्याणपुर के रहने वाले हृदय नंद चौबे (84), उनकी पत्नी शैला देवी (76) और अनिल चौबे (40) शामिल हैं. तीनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है.

सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे थे सभी

उन्होंने बताया कि ये सभी यात्री प्रयागराज से अयोध्या जाने वाली सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे थे और रास्ते में जहरखुरानी गिरोह के शिकार हो गए. वर्मा ने बताया कि ट्रेन जब सुलतानपुर पहुंची तो यात्रियों ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) व आरपीएफ को सूचना दिया. इसके बाद तीनों यात्रियों को ट्रेन से उतारा गया और एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया.

हृदय नंद की हालत काफी गंभीर

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तीनों का इलाज शुरू कर दिया. इनमें हृदय नंद की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है. आरपीएफ प्रभारी ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि घटना कहां और कैसे हुई. पूरी जानकारी तभी मिल पाएगी जब तीनों यात्री होश में आएंगे और बयान दे सकेंगे.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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